अगले महीने से सरकारी विभाग मुफ्त की बिजली नहीं फूंक पाएंगे। उनके कार्यालय पर प्री-पेड मीटर लगने जा रहा है। यानी जितना रिचार्ज, उतनी बिजली का उपयोग। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम जिले में अपने अधीन आने वाले सरकारी विभागों और आवासों पर अगले महीने से प्री-पेड मीटर लगाने का काम शुरू करेगा।
दक्षिणांचल का जिले के सरकारी विभागों पर 55 करोड़ से अधिक का बकाया चला आ रहा है। दक्षिणांचल ने भरपूर प्रयास कर लिए लेकिन अब तक वसूली नहीं कर पाया है। हालांकि शहर के सरकारी विभागों और आवासों में टोरंट पॉवर की बिजली आपूर्ति है।
यहां समय से बिजली का बिल जमा हो रहा है। मगर, इससे पहले का दक्षिणांचल का बकाया चला आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी विभाग और आवास अभी भी दक्षिणांचल के अंतर्गत ही हैं। बीते शुक्रवार को लखनऊ में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इसकी शुरुआत की।