एटा। शुक्रवार को शहर के मंदिरों में मां शीतला देवी का बासौड़ा पूजन श्रद्धा के साथ किया गया। इस दौरान जहां महिलाओं ने मां शीतला देवी का बासे पकवानों से पूजन कर स्वास्थ्य रक्षा की कामना की। वहीं बच्चों ने मंदिरों के बाहर लगे मेलों का जमकर लुत्फ उठाया। ग्रामीण अंचलों में भी बासोड़ा पूजन हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ किया गया।
शुक्रवार को सुबह से ही शहर के रेवाड़ी मोहल्ला स्थित माता शीतला मंदिर, ठंडी सड़क स्थित काली माता मंदिर, पथवारी माता मंदिर, माया पैलेस चौराहे पर जनता दुर्गा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। महिलाओं ने मां शीतला देवी का बासे पकवानों से भोग लगाकर स्वास्थ्य रक्षा की मनौती मांगी। मंदिरों पर उमड़ी भीड़ माता के जयकारे लगाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय कर रही थी। मंदिरों में जलने वाली धूप, अगरबत्ती एवं आयोजित हुए यज्ञों से पूरा वातावरण सुगंधित हो गया था।
जनता दुर्गा मंदिर के पुजारी चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया कि होली के बाद आग ठंडी करने एवं शरीर पर निकलने वाले छोटी माता, बड़ी माता के प्रकोप से बचाव के लिए शीतला माता की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार माता को प्रसन्न करने के लिए बासे पकवानों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाता है। जिससे प्रसन्न होकर शीतला माता अपने भक्तों के स्वास्थ्य की रक्षा करती हैं। इस दौरान मंदिर परिसरों में लगे मेलों का जहां नन्हे-मुन्ने बच्चों ने लुत्फ उठाया। तो वहीं महिलायें भी खरीददारी करने से पीछे नहीं रहीं।