वृंदावन में हाल ही में संपन्न हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक के बाद विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीन तोगड़िया लोगों के सामने रामराज्य की तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर को लेकर भी आवाज बुलंद कर दी है। सोमवार को आगरा और मंगलवार को मैनपुरी में कार्यक्रमों को संबोधित करने पहुंचे तो मंदिर और रामराज्य की बात ही उनके भाषण में प्रमुख रही।
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने आगरा में कहा है कि विश्व हिंदू परिषद भारत और दुनिया भर में 50 वर्षों से काम कर रही है। परिषद का संकल्प है कि हिंदू समृद्धशाली बने। देश में राम मंदिर का निर्माण हो और यहां रामराज की स्थापना करनी है।
आगरा के सूरसदन में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए डा. तोगड़िया ने कहा कि देश का हिंदू भूखा नहीं था। युवा बेरोजगार नहीं था। हमने कभी सोचा नहीं था कि किसान आत्महत्या करेगा लेकिन कैसी विडंबना है कि देश में पिछले 20 वर्ष में करीब 3.10 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
ये है रामराज्य
प्रवीन तोगड़िया
- फोटो : अमर उजाला
भारत में 17 करोड़ लोग भूख से मर जाते हैं। 10 करोड़ से अधिक बेरोजगार हैं। 45 करोड़ लोग मधुमेह और ब्लड प्रेशर से परेशान हैं। करीब 14 लाख करोड़ रुपये इलाज में खर्च हो जाते हैं। अब तो शुद्ध सांस भी उपलब्ध नहीं है।
हमें इस देश में श्रीराम का मंदिर ही नहीं रामराज की स्थापना भी करनी है, जहां किसान आत्महत्या न करे और हर हाथ को काम मिले। सस्ती और गुणवत्ता परक शिक्षा दी मिल सके। पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश में दो बच्चों का कानून बनाया जाए और कश्मीर से धारा 370 हटाई जाए।
मैनपुरी में भी दोहराई यही बात
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीन तोगड़िया ने मैनपुरी में कहा कि हमें सिर्फ अयोध्या में राम मंदिर ही नहीं चाहिए बल्कि देश में राम राज्य भी चाहिए। इसके लिए कार्यकर्ताओं को सूत्र भी बताए।
उन्होंने कहा कि देश में सभी परिवारों को शिक्षा, आरोग्य, रोजगार और आनंद का माहौल मिलेगा तभी देश में राम राज स्थापित होगा। हमें देश में सुरक्षित हिंदू और सुरक्षित किसान चाहिए। हम लोग सिर्फ हिंदुत्व की बात ही नहीं कर रहे बल्कि उस पर काम भी कर रहे हैं।
जिस दिन देश के 100 करोड़ हिंदुओं में से कोई भी भूखा नहीं रहेगा, अशिक्षित नहीं रहेगा, किसान कर्जमुक्त हो और आत्महत्या न करे, तभी देश में राम राज्य की स्थापना होगी।