विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीन भाई तोगड़िया का कहना है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता न्यायालय के माध्यम से नहीं निकल सकता। संसद में कानून बनाकर ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया सकता है। डा. तोगड़िया सोमवार को यहां सूरसदन प्रेक्षागृह में ‘श्रीराम जन्मभूमि राष्ट्रीयता का आधार स्तंभ’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
डा. प्रवीन तोगड़िया ने कहा कि मान लिया कि कोर्ट ने फैसला दे दिया कि अयोध्या में 40×80 मीटर भूमि, जहां रामलाल विराजमान हैं वह, हिंदुओं की दे दी तो शेष करीब 67 एकड़ भूमि जो सरकार ने अधिगृहीत की है वह मसजिद बनाने के लिए दे दी गई तो क्या हिंदू इसे स्वीकार करेगा? उन्होंने साफ कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराना है और वहां किसी नई मसजिद की नींव नहीं रखने देनी है।
न्यायालय संपत्ति का फैसला कर सकता है, क्या कोर्ट 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का फैसला कर सकता है। जो मानते हैं कि राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। हम कोई भीख नहीं मांग रहे ये हमारे पुरखों का अधिकार है। राम मंदिर निर्माण का रास्ता सरदार पटेल सोमनाथ मंदिर बनवा कर पहले ही दिखा चुके हैं। उन्हीं के रास्ते पर चलकर मंदिर का निर्माण होगा।