29एमएनपी-25-समस्याओं को लेकर नाराजगी प्रकट करते चालक व ईएमटी
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मैनपुरी। कोरोना वायरस की महामारी के बीच भी दूसरों के जीवन के लिए मदद करने वाले लोगों का खुद का ही जीवन खतरे में है। एंबुलेंस चालक और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेकिभनशयन) बिना मास्क और सैनिटाइजर के काम करने को मजबूर हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च से जरूरी सेवाएं और बीमा कराने के साथ ही तीन महीने से रुका हुआ मानदेय न मिला तो वे सेवा बाधित कर देंगे। रविवार को इस संबंध एंबुलेंस सेवा यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक 100 शैया अस्पताल प्रांगण में हुई।
कर्मचारियों का कहना है कि 108, 102 व जीवन रक्षक एंबुलेंस सेवा करने वाले चालक व ईएमटी को तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। सात महीने से उनके पीएफ की धनराशि भी नहीं जमा की गई।
कोरोना वायरस की महामारी के बीच एंबुलेंस चालक व ईएमटी को मास्क, सैनिटाइजर व गलब्स उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का महामारी के बीच 50 लाख का बीमा कराया गया है। जबकि उन लोगों का बीमा नहीं कराया गया है। बैठक में जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, अरुण कुमार, आरिफ, नवीन कुमार, राजेंद्र सिंह, वर्षा, नीलम, प्रिया आदि मौजूद रहे।