मैनपुरी। ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रति लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। एक ओर जहां लोगों में जागरूकता का अभाव है तो वहीं विद्युत निगम व अन्य जिम्मेदार विभाग ऊर्जा संरक्षण के प्रति सुस्त हैं। इसी का नतीजा है कि हर साल विद्युत ऊर्जा की खपत जिले में बढ़ती जा रही है। हर साल औसतन चार करोड़ यूनिट ऊर्जा की खपत बढ़ रही है।
हर साल 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रति जागरूक करना है। जिले में ऊर्जा संरक्षण तो दूर, हर साल बिजली की खपत बढ़ती ही जा रही है। बीते चार साल के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो पाएंगे कि हर साल चार करोड़ यूनिट बिजली की खपत बढ़ रही है। ये खपत तब बढ़ रही है जब लगातार विद्युत उपकरणों में बिजली बचाने के लिए तकनीकी के सहारे बदलाव किया जा रहा है।
विद्युत निगम भी नहीं देता ध्यान
लोगों का कहना है कि भले ही ऊर्जा की खपत बढ़ने से विद्युत निगम भी चिंतित है, लेकिन लोगों को जागरूक करने के लिए निगम कोई प्रयास नहीं कर रहा है। बकाया बिल वसूल करने और चोरी रोकने के लिए तो खूब अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन लोगों को खपत कम करने के लिए प्रति जागरूक नहीं किया जाता है।
ऊर्जा संरक्षण के लिए ये करें उपाय
-घर में जरूरत के उपकरणों का ही प्रयोग करें
-कम खपत वाले उपकरण घर में लगाएं
-सबमर्सिबल में अलार्म जरूर लगाएं
-एसी एक निर्धारित तापमान तक ही चलाएं
वर्षवार बिजली खपत के आंकड़े
वर्ष बिजली खपत
वर्ष 2018-19 87.06 करोड़ यूनिट
वर्ष 2019-20 91.08 करोड़ यूनिट
वर्ष 2021-21 96 करोड़ यूनिट
वर्ष 2021-22 64 करोड़ यूनिट (अब तक)
हम सभी को ऊर्जा संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। विद्युत कनेक्शन धारकों को लगातार एलईडी बल्ब का प्रयोग करने और कम खपत के उपकरणों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। लोगों को खुद भी इसके लिए प्रति जागरूक होना होगा। अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत