सोरोंजी। तीर्थ नगरी में जर्जर उपकरणों के सहारे चल रही बिजली आपूर्ति छह मोहल्लों में लड़खड़ा गई। ओसीबी (ओयल सर्किट ब्रेकर) के खराब हो जाने से सोरोंजी मेला ग्राउंड स्थित विद्युत उपकेंद्र से मिलने वाली बिजली की आपूर्ति रात में दो बजे बंद हो गई। भीषण गर्मी में लोग परेशान हो गए। वहीं बुधवार की सुबह पालिका के नलकूप विद्युत आपूर्ति न होने से नहीं चल सके। जिसके चलते लोगों को पेयजल के संकट का भी सामना करना पड़ा।
कस्बे के मोहल्ला बदरिया, हरि की पौड़ी क्षेत्र, गंगा गली, गली बालाजी, बाहर दहलान, चंदन चौक आदि मोहल्लों को बिजली रात में 2 बजे गुल हो गई। दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं हुई। जिससे छह मोहल्ले के लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में परेशानियों से जूझना पड़ा। सुबह होने पर दुश्वारियां और बढ़ गईं। नलकूपों के न चलने से पेयजल घरों तक नहीं पहुंचा।
निजी सबमर्सिबल एवं पानी की विद्युत मोटरें भी नहीं चल सका, जिससे पेयजल के लिए लोग परेशान रहे। उन्हें हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ा। लोगों का कहना है कि आठ दिन पूर्व ब्रेकर टूट जाने से नौ घंटे बिजली गुल रही । तीर्थ नगरी के राजू मिश्रा, प्रिंस शर्मा, जितेंद्र सैनी, शिवम चौधरी, आशीष कोठेवार आदि ने जर्जर विद्युत उपकरणों को बदलवाए जाने की मांग की अधिशाषी अधीक्षण से की है।
अचानक ओसीबी खराब हो जाने के कारण विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई थी। जिसको ठीक कराए जाने के बाद विद्युत की आपूर्ति शुरु की गई हैं। - प्रवेश कुमार, जेई।
सिढ़पुरा में बमुश्किल मिल रही 10 घंटे बिजली, लोग हो रहे परेशान
सिढ़पुरा। उमस भरी गर्मी में लोग परेशान हैं। वहीं विद्युत की अघोषित कटौती गर्मी में लोगों की दिक्कतें और बढ़ा रही है। कस्बे में बमुश्किल 10 घंटे की विद्युत की आपूर्ति हो पा रही है। जिससे बाशिंदो को खासी परेशानी हो रही है। विद्युत के वैकल्पिक उपकरण इंवर्टर की बैट्री भी चार्ज नहीं हो पा रही हैं। गर्मी में कूलर पंखे आदि भी बिजली न होने से नहीं चल पा रहे हैं। वहीं विद्युत आधारित व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।
लोगों की बात:
- मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। दिन तो जैसे तैसे बीत जाता है। लेकिन रात को खासी परेशानी होती है। बिजली न होने से नींद भी नहीं आती। - अब्दुल मजीद
- बिजली पर आधारित कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हैं। बिजली न आने से लोगों को खासी परेशानी हो रही है। बिजली कटौती बंद होनी चाहिए। - संदीप गुप्ता