आगरा में तूफान ने एक बार फिर बिजली आपूर्ति व्यवस्था चौपट कर दी है। जिले के 103 उपकेंद्र और 343 फीडर से जुड़े 1428 गांवों में अंधेरा छा गया है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अपने अधिकांश उपकेंद्र और फीडर सुचारु नहीं कर पाया है। मरम्मत कार्य के लिए दूसरे जनपदों से ठेकेदार और मजदूर बुलाए जा रहे हैं। विभाग को 5 करोड़ रुपये अधिक से नुकसान हुआ है।
बुधवार रात को आए तूफान ने बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी है। 11 अप्रैल को आए आंधी-तूफान में हुई तबाही से दक्षिणांचल उबर नहीं पाया था, उससे पहले एक बार फिर तूफान ने मुश्किल बढ़ा दी है।
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- फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा फतेहाबाद क्षेत्र के उपकेंद्र प्रभावित हुए। जिले के प्रभावित 103 उपकेंद्रों में से 25 फतेहाबाद के ही थे। बाह में 16, एत्मादपुर में 15, किरावली और सिकंदरा में 13-13, खेरागढ़ 12 और बिचपुरी में 9 उपकेंद्र ठप हो गए।
मरम्मत के लिए कन्नौज, इटावा, कानपुर, हाथरस, अलीगढ़ और मैनपुरी से सैकड़ों की संख्या में मजदूर और ठेकेदार बुलाए गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर, मेरठ, भरतपुर, झांसी और कानपुर के विद्युत सामग्री निर्माताओं से संपर्क साध कर संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में 11 अप्रैल से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त है। बुधवार को आए तूफान ने और मुश्किल खड़ी कर दी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जिंदगी 20 साल पीछे पहुंच गई है।
कंट्रोल रूम बनाया
पंखे-कूलर तो दूर मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। पानी भी कुंओं और हैंडपंपों से भरा जा रहा है। टीवी और फ्री तो लोगों ने बंद करके ही रख दिए हैं।
दक्षिणांचल ने शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। 0562-2605699 और 0562-2600718 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
ये भ्ाी जानें
5 करोड़ से अधिक का नुकसान
103 उपकेंद्र हुए प्रभावित
343 फीडर भी हुए ठप
8119 खंभे जिलेभर में गिरे