समय के साथ दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने अपनी कार्यप्रणाली में भी बदलाव किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 महीने में दक्षिणांचल ने 48 घंटे के भीतर 39 हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर बदले। सबसे ज्यादा मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर बदले गए हैं।
हर घर को रोशन करने की केंद्र और प्रदेश सरकार की योजना के साथ ही लाइन लॉस रोकने पर जोर है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
योगी सरकार में तय किया गया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में गांव, कस्बा या संबंधित क्षेत्र ज्यादा देर तक अंधेरे में न रहे। इसको देखते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए 48 घंटे की समयावधि निर्धारित की गई।
लोगों को भी इसका लाभ पहुंच रहा है। दक्षिणांचल ने एक अप्रैल 2017 से 25 जनवरी 2018 के बीच अपने 17 लोकसभा क्षेत्रों में 39346 ट्रांसफार्मर बदले।
इस अवधि में सबसे अधिक मैनपुरी (6628 ट्रांसफार्मर) और सबसे कम मिश्रिख (25 ट्रांसफार्मर) बदले गए। आगरा की अपेक्षा फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदले।
हालांकि आगरा लोकसभा क्षेत्र का काफी कम क्षेत्र दक्षिणांचल के पास है। अधिकांश क्षेत्र में बिजली आपूर्ति टोरंट पावर के जिम्मे हैं। यदि कोई व्यक्ति पॉवर कारपोरेशन के टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराता है,
तो उसकी शिकायत का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जा रहा है। यही कारण है कि इस नंबर पर शिकायतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है।
डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की जो भी शिकायत मिलती है, उसे निश्चित समय सीमा में बदलने के लिए शिकायत मिलने के साथ ही कवायद शुरू कर दी जाती है।
संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर को तत्काल सूचना दी जाती है। इस व्यवस्था को और पुख्ता करने की तैयारी की जा रही है।