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रिकार्ड तेजी ने आलू उत्पादक किसानों के अरमानों को किया पूरा

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कासगंज। जिले में आलू का कम उत्पादन होने से इसके दामों में रिकॉर्ड तेजी आई है। सात साल बाद किसानों को बाजार में अच्छा भाव मिल रहा है। इससे किसान खुश हैं। किसानों को अभी भाव और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अगली फसल में आलू का रकबा भी बढ़ने की संभावना है।
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जनपद में आलू प्रमुख फसल में शामिल है। किसान को वर्ष 2014 में आलू का अच्छा भाव मिला था। तब आलू अधिकतम दो हजार रुपये क्विंटल तक बिका था। तब से किसानों को आलू का भाव नहीं मिल रहा था। सीजन में अधिकतम 500 रुपये क्विंटल का ही भाव मिल रहा था।
जबकि कोल्ड स्टोर में भंडार के बाद अधिकतम 1200 रुपये क्विंटल का भाव मिलता रहा। कोल्ड का खर्च व फसल की लागत न निकल पाने से किसान का आलू से मोह भंग होने लगा था। इसी के चलते जिले में आलू का उत्पादन घट गया। नतीजा यह निकला वर्तमान वर्ष में कोल्ड स्टोरों की 9 लाख क्विंटल क्षमता का आधा आलू ही भंडारित हो सका। अब इसका असर आलू की कीमतों में भी दिखना शुरू हो गया है।
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मई माह में जब से आलू की निकासी कोल्ड स्टोर से शुरू हुई तभी से इसके भाव में तेजी बनी हुई है। उस समय किसानों को 1700 रुपये क्विंटल के भाव मिले। अब यह बढ़ते-बढ़ते 2500 रुपये क्विंटल तक पहुंच गई है। कोल्ड स्टोर से अब तक 35 प्रतिशत आलू की निकासी हो चुकी है।
जो भंडारण इस समय कोल्ड स्टोर में रह गया है उसमें से भी किसान काफी मात्रा में आलू बीज के लिए भी रखेंगे। इससे बाजार के लिए आलू काफी कम रह जाएगा। ऐसे में भाव और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
फैक्ट फाइल
कोल्ड स्टोर की संख्या 13
कोल्ड स्टोरों में भंडारण की क्षमता 9 लाख क्विंटल
कोल्ड स्टोरों में भंडारित आलू 4.5 लाख क्विंटल
आलू उत्पादक किसान लगभग 50 हजार
आलू भंडारित करने वाले किसान लगभग 25000
आलू की कीमतों मेें कई साल के बाद इतनी तेजी आई है। इस तेजी से किसान को काफी राहत मिली है। पिछले वर्ष तक फसल की लागत तक नहीं निकल पा रही थी। कीमतें बढ़ जाने से किसान को आगे भी भाव अच्छा मिलने की उम्मीद बंधी है। -हरिओम किसान
फसल के समय अपना कुछ आलू बेच दिया था। तथा कुछ आलू भंडारित कर दिया। इस समय बाजार में फसल की अच्छी कीमत मिल रही है। भाव अधिक हो जाने से इस साल यह लाभ का सौदा रहा है। आगे भी फसल को बोने की हिम्मत बंधी है।-संतोष कुमार किसान
कोल्ड स्टोर में इस साल क्षमता का आधा आलू भंडारित हुआ। इस समय फसल पर वर्ष 2014 के बाद तेजी आई है। उस समय फसल के अंत में अच्छा भाव मिला था। इस समय जो आलू भंडारित है उसमें से लगभग 60 प्रतिशत आलू किसान अगली फसल के बीज के लिए करेंगे। ऐसे में कीमतों में और भी उछाल आने की उम्मीद है-मुकेश शर्मा, प्रबंधक राज कोल्ड स्टोर
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