फतेहाबाद। क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाता है। जिससे वाहन चालकों को गरहाई का अंदाजा नहीं हो पाता। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा रहे हैं। वहीं अचानक ब्रेक लगाने पर हादसे हो रहे हैं। टूटी फेंसिंग से छुट्टा मवेशियों के घुसने के कारण भी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालकों से टोल टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षित यातायात की सुविधा नहीं मिल पा रही है। थाना फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 33.900 और 33.800 के आसपास सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसके अलावा किलोमीटर 26.300 पर सड़क के बीचोंबीच गहरा गड्ढा बना हुआ है। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। वाहन चालक अचानक गड्ढे में पहुंचने पर नियंत्रण खो देते हैं। वाहन चालकों के अनुसार, इन स्थानों पर हादसे की आशंका बनी रहती है। कई बार सामने चल रहे वाहन को गड्ढा दिखाई देने पर चालक अचानक ब्रेक लगा देते हैं,
गड्ढे के कारण डीसीएम आगे चल रहे वाहन से टकराई
बुधवार रात करीब 1:20 बजे किलोमीटर 26.300 पर गड्ढे के कारण डीसीएम आगे चल रहे एक वाहन से पीछे से टकरा गई। हादसे में डीसीएम चालक जीशान अली निवासी टिकरा हैदरगढ़, बाराबंकी घायल हो गए। वह डीसीएम में तंबाकू लादकर लखनऊ से आगरा जा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा टीम ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया।
जगह-जगह टूटी फेंसिंग, एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे गोवंश
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर छुट्टा मवेशियों को रोकने के लिए तार फेंसिंग की गई है। कई स्थानों पर फेंसिंग टूट चुकी है। इससे छुट्टा मवेशी आसानी से एक्सप्रेस-वे पर पहुंच जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों केआने से चालक उन्हें बचाने के प्रयास में नियंत्रण खो देते हैं। इससे कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वाहन सवार घायल भी हुए हैं। ताजा मामला 16 अगस्त को किलोमीटर 22.400 का है। अचानक एक्सप्रेसवे पर आए छुट्टा मवेशी से एक कार टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। कार सवार पांच लोग बाल-बाल बचे थे।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
वाहन चालकों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर टोल के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन सड़क पर बने गड्ढों और टूटी फेंसिंग की मरम्मत पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। यदि जल्द ही गड्ढों की मरम्मत और टूटी फेंसिंग को दुरुस्त नहीं कराया गया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तीन स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। इनके कारण बुधवार को भी सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। कई स्थानों पर जाली टूटी होने के कारण छुट्टा मवेशी सड़क पर पहुंच जाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। समस्या के संबंध में कार्यदायी संस्था एटलस को अवगत कराया गया है।- राधा मोहन द्विवेदी, सुरक्षा अधिकारी प्रथम, यूपीडा