दो दिन की बारिश ने जहां आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया, वहीं हरी सब्जी के भाव भी बढ़ा दिए। खेतों में पानी भरने और मिट्टी गीली होने से आलू की खोदाई रुक गई, जिससे आलू के भाव दो दिन में ही दो गुने हो गए।
आगरा में 20 रुपये किलो बिक रहा नया आलू शनिवार को 40 रुपये किलो पर बिका। पुराना आलू भी 20 की जगह 30 रुपये किलो खुदरा मंडियों में बेचा गया। आलू के साथ ही टमाटर, मटर समेत हरी सब्जियों के भाव में इजाफा हुआ है।
सर्दी बढ़ने के बाद केवल प्याज को छोड़ दें तो सभी हरी सब्जियों के दाम गिरने का सिलसिला हर सप्ताह चल रहा था, लेकिन शनिवार को शहर की सब्जी मंडियों में सब्जी के दाम आसमान पर पहुंच गए। पालक, बथुआ, मैथी जैसी स्थानीय सब्जियों के खेतों से न तोड़ पाने के कारण भाव बढ़ गए।
बारिश ने फिर खराब की प्याज की फसल
महाराष्ट्र में पहले ही बारिश के कारण प्याज की फसल खराब हो चुकी है। सिकंदरा सब्जी मंडी में प्याज के थोक कारोबारी नितिन ने बताया कि इन दिनों राजस्थान के अलवर से प्याज की आपूर्ति हो रही है, लेकिन ओलों और बारिश ने अलवर में भी प्याज की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे अलवर से भी प्याज की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इस पूरे दिसंबर माह कीमतें कम नहीं हो पाएंगी।
रेस्टोरेंट में सलाद से गायब हुई प्याज
प्याज के भाव बीते पखवाड़े में 60 से 100 रुपये पहुंच गए। तब से लेकर अब तक प्याज के दाम स्थिर हैं। अफगानिस्तान से प्याज का आयात होने के बाद भी इसकी कीमतों में गिरावट नहीं आई।
दरअसल, अफगानिस्तान से आयात किए जा रहे प्याज की क्वालिटी बेहद खराब है, जिसे सामान्य ग्राहक खरीद नहीं रहा। ऐसे में रेस्टोरेंट संचालकों ने सलाद में प्याज की जगह मूली, टमाटर, गाजर देना शुरू किया है।
यह सब्जियां का भाव
सब्जियां - भाव
प्याज - 100
आलू नया - 40
आलू पुराना- 30
टमाटर - 30
गोभी - 40
मटर - 50
बैंगन - 30
पालक - 20
बथुआ - 30
मैथी - 30
शिमला मिर्च- 40
गाजर - 30
मूली - 10
पत्ता गोभी - 30
अदरक - 80