कोल्ड स्टोरेज में पड़े हैं 11 लाख क्विंटल आलू
अच्छी कीमत मिलने के इंतजार के कारण किसान नहीं कर रहे निकासी
हाईलाइटर्स
-55 कोल्ड स्टोरेज हैं जिले भर में
-4.12 लाख मीट्रिक टन आलू था भंडारित
-3.01 लाख मीट्रिक टन आलू की हुई निकासी
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। किसानों ने कोल्ड स्टोरेज में 11 लाख क्विंटल आलू रखे हुए हैं। वे अच्छी कीमत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यदि समय रहते निकासी नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोल्ड स्टोरेज में इस बार 4.12 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। इसमें से उन्होंने केवल 73 फीसदी ही निकासी की जा सकी है।
जिले में औसतन प्रतिवर्ष पांच से छह लाख मीट्रिक टन आलू का जिले में उत्पादन होता है। हर बार कीमत बढ़ने के इंतजार में किसान आलू को कोल्ड स्टोरेज में भंडारित करते हैं। इस बार भी किसानों ने 4.12 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया था, लेकिन आलू की कीमतें बढ़ने के बाद भी निकासी शुरू नहीं हुई। ऐसे में लगातार उद्यान विभाग की कोशिशों के बाद भी किसी तरह केवल 73 प्रतिशत आलू की ही निकासी हो पाई। वहीं, अब तक 27 प्रतिशत आलू यानी 11 लाख क्विंटल का भंडारण है। वहीं अब एक माह तक ही कोल्ड स्टोरेज का संचालन होगा, ऐसे में अगर आलू की निकासी नहीं हुई तो संचालक आलू बेचकर अपने शुल्क की प्रतिपूर्ति कर लेंगे।
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यह है नियम
शासन के आदेश के अनुसार संचालकों को 30 नवंबर तक हर हाल में कोड स्टोरेज का संचालन करना होगा। इससे पूर्व किसान अपना आलू निकाल सकते हैं। इसके बाद किसान आलू के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं। अगर संचालक चाहे तो वह किसान का आलू बेचकर अपने शुल्क की प्रतिपूर्ति कर सकता है। इसके लिए किसान जिम्मेदार होगा।
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सात सौ रुपये से 1300 रुपये प्रति क्विंटल है आलू की कीमत
बाजार में आलू की कीमतें अच्छी हैं। बुवाई के लिए सबसे छोटा आलू जहां सात सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है तो वहीं खाने के लिए कुफरी व चिप्सोना आलू की कीमत थोक में 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक है।
कोट
किसानों को लगातार कहा जा रहा है कि आलू का भाव सही है, वे जल्द आलू की निकासी करें। वहीं कोल्ड स्टोरेज संचालक भी किसानों से संपर्क कर रहे हैं। अगर समय रहते किसानों ने आलू की निकासी नहीं की तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
-अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।