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रुला रहा 'सब्जियों का राजा', आलू के दामों में भारी गिरावट, किसान परेशान

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जलेसर के एक कोल्ड स्टोर में बिखरा पड़ा आलू- अमर उजाला - फोटो : ETAH
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एटा/जलेसर। जिले में आलू का उत्पादन लाखों क्विंटल होता है, लेकिन इस बार सब्जियों के ‘राजा’ आलू ने किसानों का दम निकाल दिया है। देशभर में बारिश के चलते आलू की मांग घट गई और आलू की बोरियां कोल्ड स्टोर में भरी पड़ी हैं। आलू के दाम घटकर 500 रुपये क्विंटल तक आ गए हैं, ऐसे में किसान परेशान हैं। आलम यह है कि कोल्ड स्टोर का भाड़ा तक नहीं निकल रहा है। कोल्ड स्टोर संचालक भी किसानों के इंतजार में परेशान हो रहे हैं। जिले में संचालित हैं 19 कोल्ड स्टोरेज, 105980 एमटी आलू कोल्ड स्टोर में अब तक पड़ा हुआ है।
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आलू मंदी की मार झेल रहा है। किसानों ने बड़ी उम्मीदों के साथ कोल्ड स्टोरों में आलू का भंडारण किया था, लेकिन अब तक लगातार भाव गिरते जा रहे हैं। इसको लेकर किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। वहीं कोल्ड स्टोरेज स्वामी भी परेशान हैं। कोल्ड स्टोर मालिक इस बात को लेकर परेशान हैं कि अगर आलू के भाव किसानों को नहीं मिले तो किसान कोल्ड में ही आलू छोड़े देंगे। ऐसे में कोल्ड स्टोर का भाड़ा मिलना मुश्किल हो जाएगा। आलू की मंदी को लेकर जहां किसानों की धड़कने बढ़ी हुई हैं वहीं कोल्ड स्टोर स्वामियों की परेशानियां भी कम नहीं हैं। अब तक जिले के कोल्ड स्टोरों में 1039118 एमटी भंडारण हुए आलू में 105980 एमटी कोल्ड स्टोर में पड़ा है। पिछले साल तक इस समय आलू 50 फीसदी तक कोल्ड में रह जाता था, लेकिन इस बार आलू के गिरते दाम ने दिक्कत बढ़ा दी है।
अब तक 25 फीसदी ही हो सकी है निकासी
कोल्ड स्टोरों में किसानों की ओर से भंडारण किए गए आलू में से अब तक 25 फीसदी ही निकासी हो सकी है। आलू के भाव किसानों के हाथ रोक देते हैं और किसान भाव बढने की उम्मीद में कोल्ड से आलू नहीं निकाल रहा है। 1.39 मीट्रिक टन में से मात्र 33 हजार मीट्रिक टन ही आलू कोल्ड से निकल सका है।
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शीतगृह स्वामी भी दिक्कत में
आलू ने शीतगृह स्वामियों की दिक्कत बढ़ा दी है। उनका कहना है कि कहीं इस बार भी आलू को फिंकवाना न पड़े। देश के कई इलाकों में बाढ़ का प्रकोप होने से इन क्षेत्रो में आलू नहीं पहुंच पा रहा है।
भाकियू भानू ने सरकार से आलू खरीद की मांग की
भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह किसानों के आलू की खरीद कर विदेशों में निर्यात करे ताकि किसानो को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।
कहते हैं किसान
कोल्ड स्टोर में आलू बढ़ी उम्मीदों के साथ रखा गया था, लेकिन आलू पर आई मंदी ने परेशानी बढ़ा दी है। यही कारण है अब तक कोल्ड से आलू नहीं निकाला जा सका है।
गिरिराज यादव, किसान जलेसर
आलू के लगातार भाव गिरते जा रहे हैं, किसान समझ नहीं पा रहा है कि आखिर क्या करे। ऐसे में किसान अगर आलू की बिक्री करता है तो लागत भी नहीं निकल रही है।
संतोष सिंह, किसान, नगला गुदी
बाजार में आलू 500 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है जबकि इतनी लागत उत्पादन पर आ गई थी। बीज पर बिक्री होने की उम्मीद है शायद भाव बढ़ जाए। अगर भाव नहीं बढ़ता है तो दिक्कतें आ जाएंगी।
मोन ठाकुर, किसान पुन्हैरा
आलू ने इस बार भी रुला दिया है। बहुत कम भाव मिल रहा है। जरुरत पड़ने पर 12 पैकेट निकाल कर कम दाम पर बेच दिए थे। अब हालत खराब हो रही है। सही दाम मिले तो कोल्ड से आलू निकालें।
भोले, किसान, मिलावली
परेशानी बढ़ रही है। अगर आलू के भाव नहीं बढ़ते हैं और किसान की लागत नहीं निकलती है तो किसान कोल्ड में ही आलू छोड़ देंगे। ऐसे में आलू फेंकना पड़ेगा। इस बार भी भारी घाटा उठाना पड़ सकता है।
रवि गर्ग,शीतगृह स्वामी
आलू इस बार भी कोल्ड स्टोर में भरा पड़ा है। किसानों का इंतजार कर रहे हैं। बिजली का भी खर्च नहीं निकल पा रहा है। कई किसानों को फोन किया है, लेकिन सही भाव नहीं मिलने से किसान आ नहीं रहे हैं।
देंवेंद्र वार्ष्णेय, शीतगृह स्वामी
कहते हैं आंकड़े
19 कोल्ड स्टोर हैं जिले में
1.59 लाख एमटी है भंडारण क्षमता
1.39 लाख एमटी आलू का हुआ भंडारण
33.13 हजार एमटी हुई आलू की निकासी
1.05 लाख एमटी आलू कोल्ड स्टोर में
किसान आलू के सही दाम नहीं मिलने से कोल्ड स्टोर से पैकेट नहीं निकाल रहे हैं। इसकी जानकारी मिली है। अगर भाव बढ़ता है, तो किसान कोल्ड स्टोर से आलू निकालेंगे। आलू के भाव जल्द सुधरने की उम्मीद है।
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नलिन सुंदरम भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी
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