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फर्जीवाड़ा: गन्नामाफियाओं पर विभाग का चाबुक, 1100 हेक्टेयर क्षेत्रफल की गन्ना खरीद निरस्त

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कासगंज गन्ने की खबर से संबंधित फोटो न्यौली चीनी मिल - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। शासन की सख्ती के बाद गन्ना विभाग ने जिले के भूमाफियाओं पर चाबुक चलाया है। गंगानदी की जमीन पर गन्ना पैदा कर फर्जीवाड़ा करने वाले माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग ने 1100 हेक्टेयर क्षेत्रफल को अवैध मानते हुए गन्ना खरीद निरस्त कर दी है। 400 से अधिक गन्ना माफियाओं और बिचौलियों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेज दिए हैं। साथ ही कई माफियाओं को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।
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खादर की जमीन पर तमाम दबंगों का कब्जा है। दबंग माफिया गन्ना नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल पैदा करते हैं और धोखाधड़ी कर गन्ना समिति में पंजीकरण करा लेते हैं। जिले के ऐसे क्षेत्र जहां गन्ने की कम पैदावार है। वहां के किसानों के साथ मिलकर माफिया गन्ना समिति में फर्जी पंजीकरण करा लेते हैं और फिर खादर की अवैध जमीन में पैदा होने वाले गन्ने की खपत पेराई सत्र के दौरान मिल में कर देते हैं। इस तरह के कई मामले शासन के संज्ञान में आने के बाद शासन ने जांच कराई। गन्ना विभाग का दावा है कि पहले से ही जांच कर रहे थे। इस जांच में पाया गया है कि जिले में 1100 हेक्टेयर भूमि ऐसी पाई गई है जहां गंगा नदी की जमीन पर गन्ना पैदा हो रहा था। भूमाफिया भूलेखों में रिकॉर्ड न होने के बावजूद भी गन्ने की पैदावार कर फर्जी तरीके से समिति में पंजीकरण करा लेते थे। पेराई सत्र के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर गन्ने की खरीद फरोख्त करते थे। गन्ना विभाग ने 1100 हेक्टेयर भूमि में पैदा हो रहे गन्ने की खरीद को निरस्त करते हुए 400 से अधिक माफियाओं को नोटिस जारी किया है।
आंकड़े की नजर से-
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना उत्पादन का तय है लक्ष्य।
- 25 लाख क्विंटल गन्ने की बीते पेराई सत्र में हुई थी पैदावार।
नहीं हो सका फर्द खतौनी का मिलान
कासगंज। गन्ना विभाग ने जब मामले की जांच की तो सभी किसानों से भूलेखों के दस्तावेज मांगे। डेढ़ हजार से अधिक किसानों ने जब गन्ना विभाग को दस्तावेज उपलब्ध कराए तो विभाग ने तहसील से भी मिलान कराया। इस मिलना में 400 से अधिक किसानों का फर्जीवाड़ा सामने आया। जिन्हें विभाग ने गन्नामाफिया माना है।
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- 1100 से अधिक हेक्टेयर क्षेत्रफल में फर्जी तरीके से गन्ने की पैदावार हो रही थी। पिछले पेराई सत्र से ही इस मामले में जांच कर रहे थे। गन्ना विभाग ने बिना भूलेखों के गन्ना की पैदावार होने वाले गन्ना खरीद को निरस्त कर दिया है- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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