आगरा के डाकघरों में 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। आरटीआई कार्यकर्ता सूचना के अधिकार के तहत आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। सरकार ने नकद 10 रुपये लेकर आवेदन करने की सुविधा समाप्त कर दी है। ऐसे में लोगों को साइबर कैफे जाकर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
डाकघरों में 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर करीब छह महीने से नहीं मिल रहे हैं। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्र भी परेशान हैं। आरटीआई आवेदक भी डाकघर से लौट रहे हैं। आवेदक के पास बैंक से 10 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर और जन सुविधा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन करने का ही विकल्प है।
वहीं डिमांड ड्राफ्ट के लिए बैंक में 10 रुपये और उसके ऊपर 38 रुपये की फीस लगती है। अधिकतर लोगों को ऑनलाइन आवेदन के बारे में जानकारी नहीं है। इस वजह से वह साइबर कैफे पर ज्यादा पैसे चुकाकर आवेदन कर रहे हैं।
अधिवक्ता भारत सिंह ने बताया कि पुलिस व अन्य सरकारी विभागों से जानकारी मांगने के लिए अधिकतर आरटीआई आवेदन करते हैं। काफी समय से आवेदन के लिए पोस्टल ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। साइबर कैफे पर आवेदन में करीब 60 रुपये खर्च हो जाते हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता केसी जैन ने बताया कि वह आरटीआई के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। ऐसे में उन्हें पोस्टल ऑर्डर की आवश्यकता नहीं पड़ती। डाकघरों में अन्य कामों के लिए पोस्टल ऑर्डर लगते हैं। लोगों की परेशानी को जल्द खत्म किया जाना चाहिए।
आपूर्ति नहीं हो रही
सीनियर पोस्ट मास्टर शशीकांत जैन ने बताया कि दस रुपये के पोस्टल ऑर्डर की ऊपर से ही आपूर्ति नहीं हो रही है। इसकी वजह से जनपद के डाकघरों में भी पोस्टल ऑर्डर नहीं है। हफ्तेभर में आपूर्ति हो जाएगी।
तीन तरह से मांग सकते हैं जानकारी
- डाकघर में 10 रुपये का पोस्टल ऑर्डर लेकर
- बैंक में 10 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर
- जन सुविधा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर