मैनपुरी। चार माह पहले एलाऊ स्थित डाकघर में हुए घोटाले की मामले में वांछित चल रहे रहे पोस्टमास्टर ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में समर्पण कर दिया। यहां से सुनवाई के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
थाना भोगांव क्षेत्र के गांव अरम सराय निवासी हिमांशु पांडेय चार वर्ष से क्षेत्र के गांव एलाऊ में पोस्टमास्टर के पद पर तैनात थे। ग्राहकों से बेहतर संबंध होने के चलते उनकी मासिक जमा आरडी और सुकन्या समृद्धि योजना के सैकड़ों खाताधारकों की किताब डाकघर में ही रहती थी, लेकिन अचानक 15 अक्तूबर 2019 से पोस्टमास्टर न तो डाकघर आए और न ही घर पहुंचे। 19 अक्तूबर को उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी हुई तो डाकघर का ताला तोड़कर जांच शुरू की गई थी। जांच में हिमांशु पांडेय द्वारा घोटाला किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद तत्कालीन डाक अधीक्षक विनय द्विवेदी ने 31 अक्तूबर 2019 को थाना एलाऊ में उनके खिलाफ गबन की एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस इसके बाद से ही पोस्टमास्टर की तलाश में थी, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल पा रहा था।
बृहस्पतिवार को आरोपी पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय ने दीवानी स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में समर्पण कर दिया। यहां से उन्हें पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया। पोस्टमास्टर के समर्पण के बाद अब घोटाले की पोल जल्द खुल जाएगी।
जांच अधिकारी हुए थे निलंबित
एलाऊ डाकघर में पोस्टमास्टर के फरार होने और घोटाला सामने आने के बाद तत्कालीन डाक अधीक्षक विनय द्विवेदी ने डाक निरीक्षक अभिषेक पांडेय को जांच सौंपी थी। बाद में डाक अधीक्षक मनोज गुप्ता ने जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया था। उन्हें नियमित डाकघर का निरीक्षण न करने के लिए लिए निलंबित किया गया था।
कैश में गड़बड़ी की हुई थी पुष्टि
मामले की जांच में कैश में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। प्राथमिक जांच में ये पुष्टि हुई थी कि डाकघर से 60 से 70 हजार रुपये कैश गायब है। इसके बाद ही पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय पर एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि विभागीय जांच अब तक चल रही है।
मामले में जांच चल रही है। अभी पोस्टमास्टर द्वारा समर्पण किए जाने की जानकारी नहीं है। जांच के बाद जो भी सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मनोज गुप्ता, डाक अधीक्षक।