आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के संस्थानों और विभागाध्यक्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आगामी सत्र (जुलाई 2022) से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिसर्च (पीजीडीआर) पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम एमफिल की जगह शुरू किया जाएगा। परास्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि पीजीडीआर कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को पीएचडी में प्रवेश के बाद छह माह का कोर्स वर्क नहीं करना पड़ेगा। पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में छूट दी जाएगी या नहीं, अभी यह निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के जिन संस्थानों और विभागों में एमफिल पाठ्यक्रम संचालित था, उन्हीं में पीजीडीआर पाठ्यक्रम चलाए जाने की तैयारी है। विभागों की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ स्टडीज के बाद विद्या परिषद और कार्य परिषद में रखा जाएगा।
विश्वविद्यालय के हिंदी, इतिहास, समाजशास्त्र, सांख्यिकी, गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान विभाग में एमफिल के पाठ्यक्रम चल रहे थे, जो कि बंद हो चुके हैं। इन्हीं विभागों में अब पीजीडीआर पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। नए सत्र में विज्ञप्ति जारी की जाएगी, जिससे छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए आवेदन कर सकें।