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UP: उफान पर नदियां...अधिकारी भूल गए सुरक्षा के इंतजाम, इसलिए हुआ हादसा और नदी में डूब गए 13 युवक

Fri, 03 Oct 2025 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यमुना, चंबल और उटंगन में आया उफान थमने के बाद अफसर नदियों पर सुरक्षा इंतजाम भूल गए। खेरागढ़ में सिर्फ एक विसर्जन घाट था। वहां न जाकर लोगों ने अलग-अलग जगह प्रतिमा विसर्जन किया। शहर में यमुना किनारा से लेकर बल्केश्वर, कैलाश और रुनकता तक प्रतिमा विसर्जन के लिए भक्ति का सैलाब उमड़ा।
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आगरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुना में आई बाढ़ का असर अब भी देखा जा सकता है। बृहस्पतिवार को यमुना लबालब थी। निर्धारित स्थलों पर ही पुलिस व सुरक्षा के इंतजाम थे। जबकि लोगों ने निर्धारित घाटों पर भीड़ की वजह से एकांत घाट चुने। इन जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम भी पुख्ता नहीं थे। हाथी घाट पर 50 से अधिक प्रतिमा विसर्जित की गईं।
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एत्माउद्दौला व्यू पाॅइंट, रामबाग, महताब बाग की तरफ सुरक्षा इंतजाम नदारद मिले। एक-दो प्रतिमाएं यहां भी विसर्जित हुईं। उधर, रुनकता स्थित रेणुका घाट पर पीएसी ने व्यवस्था संभाली। कैलाश घाट पर भी निर्धारित स्थान से अलग पाइपलाइन पुल के पास जाकर लोगों ने प्रतिमा विसर्जित की। ऐसे में जरा सी चूक यहां भी जानलेवा साबित हो सकती थी।

6 महीने में 25 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत
अप्रैल से सितंबर तक यमुना व अन्य नदी, तालाबों में डूबने से 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि डूबने से होने वाली मौतों को दैवीय आपदा मानते हुए सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। अप्रैल से अब तक करीब 25 से अधिक लोग डूब चुके हैं। लोगों से अपील है कि नदियों और गहरे पानी के आस-पास न जाएं। जागरूक बनें। अपनी जान की कीमत समझें। शासन और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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