आगरा में शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों को देर से दाखिला मिल पाएगा। इस वर्ष एक ही बार लॉटरी खुलनी है। इसकी तारीख 16 अप्रैल प्रस्तावित है।
आरटीई के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन की व्यवस्था थी। नगर क्षेत्र के स्कूलों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। ग्रामीण क्षेत्र के लिए दोनों तरह की व्यवस्थाएं थीं। नगर क्षेत्र में करीब 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। आवेदन प्राप्त होने के साथ सत्यापन का काम भी चल रहा था। करीब 600 आवेदकों के सत्यापन भी हो चुके हैं। 11 अप्रैल तक सभी आवेदकों का सत्यापन करके रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय को भेजनी है।
एक अप्रैल से नया सत्र शुरू
पिछले वर्ष तीन चरणों में आवेदन स्वीकार किए जाते थे। हर चरण में लॉटरी होती थी। अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रथम चरण की लॉटरी में शामिल बच्चों के नाम स्कूलों को प्रवेश के लिए उपलब्ध करा दिए जाते थे।
इस बार 16 अप्रैल को लॉटरी खुलने के बाद सूची जिले में आएगी, इसके बाद स्कूलों को प्रवेश करने के लिए भेजी जाएगी। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है। कई स्कूल खुल गए हैं, कुछ तीन अप्रैल से खुलेंगे।
आरटीई के तहत देर से प्रवेश होने पर विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पढ़ाई में भी पिछड़ जाएंगे। बीएसए का कहना है कि सूची प्राप्त होने के बाद तत्काल बच्चों का प्रवेश कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
एक नजर आंकड़ों पर
- 5200 के करीब आवेदन आनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं।
- 31 मार्च आरटीई के तहत आवेदन की आखिरी तिथि
- 11 अप्रैल तक सभी आवेदकों का सत्यापन कराया जाना है।
- 16 अप्रैल को लाटरी खुलनी है।
कम आवेदन प्राप्त हुए
पिछले वर्ष तीन चरणों में कुल 10,347 विद्यार्थियों के आवेदन मिले थे। 2167 का प्रवेश लिया गया था। इस वर्ष आवेदन कम है। ऑफलाइन आवेदनों की रिपोर्ट अभी बीएसए कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई है।