फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक : 'प्रसव शुल्क नहीं दे पाए तो अस्पताल ने बच्चे को बेचा', गरीब दंपती ने लगाया आरोप

Tue, 01 Sep 2020 12:13 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • गरीब दंपती पर पांच बच्चे पहले से हैं। यह छठा बच्चा है। पति रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद गरीब दंपती 30 हजार रुपये शुल्क जमा नहीं कर सका तो उसके नवजात बच्चे का सौदा कर दिया गया। आरोप है कि चिकित्सक ने जबरन उससे कागज पर अंगूठा लगवा लिया और बच्चा ले लिया।  

विज्ञापन


मामला यमुनापार स्थित एक निजी अस्पताल का है। शंभु नगर निवासी पीड़ित दंपती ने समाज सेवी नरेश पारस को अपनी पीड़ा बताई। महिला का पति रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता है। दंपती का आरोप है कि चिकित्सक ने बच्चे को एक लाख रुपए में बेच दिया है। शुल्क काटकर 70 हजार रुपये दंपती को दिए। 
 


पीड़ित पति के अनुसार 24 अगस्त को उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। उसे पास के ही निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। उसने पत्नी की छुट्टी कराने के लिए कहा तो अस्पताल ने 30 हजार का बिल थमा दिया। रिक्शा चालक इतनी रकम चुकाने में असमर्थ था। उसके पास सिर्फ पांच सौ रुपये थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

'रुपये नहीं, तो बच्चा देना पड़ेगा'

आरोप है कि अस्पताल की फीस न दे पाने पर चिकित्सक ने कहा कि रुपये नहीं हैं तो बच्चा देना पड़ेगा। इसके बाद दंपती से जबरन एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया और नवजात लेकर 70 हजार रुपये देकर भगा दिया। इसके बाद पीड़ित दंपती अपनी पीड़ा लेकर समाजसेवी नरेश पारस मिले। दंपती पर पांच बच्चे पहले से हैं। 

मामले की जानकारी मिलने पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त अस्पताल पर छापा मारा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि अनियमिताएं मिलने पर अस्पताल को सील किया गया है। नवजात बच्चे को बेचने जाने की सूचना मिली है। मामला संदिग्ध है। इसकी जांच पुलिस करेगी।  


यह भी पढ़ें- साढ़े पांच महीने बाद खुले स्मारक, सबसे पहले कोलकाता के पर्यटकों ने किया 'बेबी ताज' का दीदार
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें