मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में कथित छात्रा हत्याकांड के मामले में पुलिस तत्कालीन प्रधानाचार्या सहित सात लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराएगी। पुलिस द्वारा मांगी गई अनुमति पर दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट अखिलेश कुमार ने पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की पुलिस को अनुमति दे दी है।
जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा की कथित हत्याकांड की जांच अब आईजी कानपुर के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। टीम के सामने घटना का खुलासा करने की चुनौती है। टीम के पास पॉलीग्राफी और डीएनए टेस्ट का ही सहारा है। टीम ने अब तत्कालीन प्रधानाचार्या सहित सात का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार को विवेचक इंस्पेक्टर भोगांव पहुप सिंह तत्कालीन प्रधानाचार्या सहित सात लोगों को लेकर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट पहुंचे। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट अखिलेश कुमार के समक्ष एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के लिए अनुमति देने की दलील दी।
'सच्चाई जानने के लिए पॉलीग्राफी टेस्ट जरूरी'
उन्होंने कहा कि सच्चाई जानने के लिए पॉलीग्राफी टेस्ट कराना जरूरी है। जांच में निर्दोष फंसेंगे नहीं लेकिन दोषियों को सजा मिल सकेगी। तत्कालीन प्रधानाचार्या के वकील रामबरन शाक्य की दलीलों को सुनने के बाद स्पेशल जज पॉस्को एक्ट अखिलेश कुमार ने पुलिस को सातों लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है।
अनुमति मिलने के भोगांव पुलिस ने सभी को पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार शाम को टीम सभी सात लोगों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना होगा। जहां शुक्रवार को उनका टेस्ट होगा।
दो मुंहबोले मामा भी जांच के दायरे में
एसआईटी जांच के दायरे में छात्रा के दो मुंहबोले मामा भी आए हैं। जिनमें से एक रेलवे पुलिस बल में उप निरीक्षक और दूसरा डीपीएस स्कूल का प्रधानाचार्य है। छात्रा के सगे मामा सहित नवोदय विद्यालय के रसोइया, तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर, उनके पति और पुत्र का भी पॉलीग्राफी टेस्ट होगा।
वकील रहेंगे साथ
पॉलीग्राफी टेस्ट के दौरान तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर, उनके पति और पुत्र के वकील मौजूद रहेंगे। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने प्रधानाचार्या के वकील की दलीलों को सुनने के बाद यह अनुमति दी है। प्रधानाचार्या के वकील ने दलील दी कि पुलिस टेस्ट के दौरान अपराधियों जैसा व्यवहार करती है। जिसके चलते वकील का साथ रहना जरूरी है।