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प्रदूषण बढ़ने से घुट गया किसान का दम

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शहर में छाया स्मॉग - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। दीपावली के बाद बढ़ा प्रदूषण जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार रात दम घुटने से किसान की मौत हो गई। वहीं सात लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। सोमवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 160 रहा। स्मॉग के कारण घर से बाहर निकले लोग बेहाल नजर आए। स्कूल आने-जाने वाले बच्चे भी प्रदूषण से जूझते रहे।
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वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा परेशानी दमा और सांस के मरीजों को हो रही है। वातावरण दूषित होने के कारण शहर के रामलीला मैदान निवासी महेंद्र पाल सिंह (60) की दो नवंबर को हालत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने के चलते परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां रविवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें दमा की शिकायत थी, लेकिन तबियत ठीक थी।
दीपावली के बाद से प्रदूषण बढ़ने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। इसके अलावा दमा से पीड़ित सात अन्य लोगों को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। इंटरनेट से प्राप्त आंकड़े के अनुसार सोमवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 160 रहा। जिले का शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 152 रिकार्ड किया गया था। रविवार को बढ़कर यह 158 पर पहुंच गया।
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खुलेआम पराली जला रहे किसान
प्रदूषण बढ़ने से केंद्र और प्रदेश सरकार चिंतित है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को स्मॉग छाया रहा, बावजूद इसके किसान खेतों में पराली जलाते हुए नजर आए। पराली और अनफिट वाहनों और कारखानों से निकलने वाला धुआं वातावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।
सेहत बिगाड़ रहा स्मॉग
स्मॉग का कहर बड़े, बूढ़े और बच्चों की सेहात बिगाड़ रहा है। स्थिति यह है कि जरा सा चलने पर ही लोगों की सांस फूलने लगती है। इसके साथ ही घबराहट, आंखों में जलन, गले में इंफेक्शन और सिर में दर्द जैसी परेशानी से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
मौसम से बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है। खांसी, जुकाम के साथ ही इंफेक्शन से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। मां-बाप बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। साथ ही कुछ समय के लिए आउटडोर गेम पर भी पाबंदी लगाएं।
-डॉ. अभिषेक दुबे, बालरोग विशेषज्ञ।
प्रदूषण बढ़ने से सांस औद दमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में तीस से चालीस मरीज पिछले तीन-चार दिनों से आ रहे हैं। सोमवार को भी दमा से पीड़ित सात मरीजों को हालत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया है। दो दिन पहले भर्ती दमा से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई है।
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-डॉ. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियन।
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