ताजनगरी में धूल कण 480 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर हैं, जबकि मोनोक्साइड की मात्रा 38 गुना ज्यादा हो गई। ट्रैफिक जाम और धूल उड़ने के कारण इन दोनों प्रदूषण तत्वों में इतनी बढ़ोतरी मानी जा रही है। स्मॉग छा जाने से सुबह और शाम को दृश्यता में भी कमी आई है।
प्रदेश के शहरों का ये है हाल
| शहर |
एक्यूआई |
| कानपुर |
437 |
| गाजियाबाद |
393 |
| नोएडा |
389 |
| वाराणसी |
377 |
| मेरठ |
366 |
| लखनऊ |
353 |
| मुरादाबाद |
341 |
| आगरा |
326 |