कासगंज। राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) ने वायु व मृदा प्रदूषण रोकने के लिए खेतों में पराली (कृषि अवशेष) जलाने पर प्रतिबंधित लगा रखा है। कोई किसान पराली न जलाए, इसके लिए जिले की तीनों तहसीलों में 271 कर्मचारियों की तैनाती की है। प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक कर्मचारी तैनात रहेगा।
जिलाधिकारी के मुताबिक, जनपद में कहीं भी कोई किसान फसलों के अवशेष जलाता हुआ पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई किसान एक से अधिक बार फसल अवशेषों को जलाते पाया गया तो जुर्माने के साथ उसे जेल भी हो सकती है। ऐसी घटनाओं की निगरानी के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग व पंचायत विभाग के कर्मियों को तैनात किया गया है।
तहसीलवार तैनाती
- 85 कर्मी कासगंज तहसील में
- 76 कर्मी सहावर तहसील में
- 110 कर्मी पटियाली तहसील में
इतना लगेगा जुर्माना
- 2500 रुपये दो एकड़ से कम भूमि के किसानों पर
- 5000 रुपये दो से पांच एकड़ भूमि के किसानों पर
- 15000 रुपये पांच एकड़ से अधिक भूमि के किसानों पर
सभी अधिकारी भ्रमण कर रखें नजर
सभी एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे पराली जलाने की घटना पर नजर बनाए रखें। सभी इसके लिए अधिकारी भ्रमण भी करें। निगरानी के लिए प्रत्येक राजस्व ग्राम में कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। -चंद्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी।
पराली न जलाने के लिए प्रचार-प्रसार कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर मशीन बिना अनुमति के नहीं चलाई जाएगी। इसके साथ फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगे होने पर ही अनुमति दी जाएगी। - सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी।