एसएन मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में भीड़।
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आगरा। शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले सात दिनों से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। औसतन पिछले 3 दिनों से 30 से 40 मरीज सिर्फ श्वसन संबंधी दिक्कतों के साथ पहुंच रहे हैं। ओपीडी में शुक्रवार को कुल 2955 मरीजों का उपचार किया गया।
श्वसन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि हवा में मौजूद धूलकण और रासायनिक प्रदूषक फेफड़े को सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूषित हवा से गले में सूजन, सीने में जकड़न, खांसी और सांस लेने में कठिनाई बढ़ जाती है। अस्थमा और हृदय रोगियों की स्थिति ऐसे में और ध्यान देने योग्य हो जाती है। प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने सलाह दी है कि लोग बिना मास्क बाहर न निकलें और प्रदूषण के सीधे संपर्क से बचें। बच्चों और बुजुर्ग खासतौर से ध्यान रखें। मौसम में सर्दी बढ़ने से जुकाम, खांसी, बुखार और बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ी हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि जिन्हें जुकाम है वो मास्क लगाकर जरूर निकलें।
खांसी की दिक्कत
दादी को दिखाने तीन दिन से लगातार आ रहे हैं। ठंड और प्रदूषित हवा से सांस लेने में तकलीफ और खांसी हो रही है। - अंशुल, जीवनी मंडी
सांस लेने में हो रही परेशानी
जुकाम और वायरल है। साथ ही प्रदूषण से एलर्जी भी है। प्रदूषित हवा में सांस लेने में दिक्कत के साथ गले में भी दर्द है। - वीरेन, कैलाशपुरी
इन विभागों में आए मरीज
मेडिसिन- 662
त्वचा- 257
ऑर्थोपेडिक- 253