डिजिटल एप से बुजुर्गों को मिल रहा इलाज
डॉ. मूर्ति ने बताया कि बुजुर्गाें के लिए डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी (डीटीएच) इलाज के लिए बेहतर साधन बन रहा है। इसमें एप डाउनलोड करना पड़ता है, जिसमें 20 से अधिक भाषाओं में जानकारी उपलब्ध है। इसमें फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग, बीमारियों की पहचान समेत कई तरह की सुविधा है। इस पर चिकित्सक जुड़े हैं, जिससे उन्हें परामर्श और इलाज मिलता है। बेहद जरूरी होने पर ही उनको अस्पताल-क्लीनिक बुलाया जाता है। इससे बुजुर्ग बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से बच जाते हैं।
जंबो टैबलेट से किया जा रहा इलाज
डॉ. विनोद कुमार ने बुजुर्गों में मिल रही मल्टीपल बीमारियों को एबीसीडी के जरिये समझाते हुए बताया कि ए से अल्जाइमर, बी से ब्रेन स्ट्रोक, सी से कैंसर, डी से डायबिटीज ऐसे ही मल्टीपल बीमारियां मिल रही हैं। इसमें अलग-अलग दवाएं दी जाती हैं। ज्यादा दवाएं होने से बुजुर्ग खा नहीं पाते और इलाज बीच में छोड़ देते हैं। ऐसे में जंबो टैबलेट से बुजुर्गों का इलाज कर रहे हैं। इसमें एक ही दवा कई बीमारियों में असर करती है। इससे दवाओं की मात्रा कम होने से बुजुर्गों को आसानी होती है।
ये दिनचर्या अपनाने पर दिया जोर
- जागने के बाद योग, ध्यान लगाएं। स्ट्रेचिंग, व्यायाम और पैदल चलें।
- प्रोटीनयुक्त पौष्टिक भोजन लें और रात आठ बजे सो जाएं।
- भोजन में मोटे अनाज का उपयोग करें, मौसमी फल जरूर खाएं।
- गीत-संगीत समेत अन्य हॉबी में खुद को व्यस्त रखें, तनाव से बचें।
- मित्रों के साथ वार्ता करें। शारीरिक क्षमता के आधार पर टूर पर जाएं।
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