ताजनगरी की हवा में घुला जहर बुधवार को इस सीजन में रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। सेहत के लिए खतरनाक धूल कणों की संख्या 39 फीसदी रही। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स 293 पर पहुंच गया, मंगलवार को यह 209 पर था। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई।
पर्यावरण वैज्ञानिकों ने बताया कि हवा की गुणवत्ता को खराब करने वाले धूल कणों में 51 फीसदी हिस्सा भवन निर्माण और सड़क किनारे पड़ी धूल का है।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने ताजमहल के पास भी 39 फीसदी धूल कण पाए हैं। 19 फीसदी धूल कण वाहनों के चलने और टायरों के साथ उड़ रही है। सामान्य से पांच गुना धूल कण वातावरण में है। डॉक्टरों ने कहा कि हालात बदतर हैं, सुबह की सैर लोग न जाएं।