पेठा इकाई पर कार्रवाई करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में प्रदूषण बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पेठा इकाइयों को लकड़ी, कोयला और चमड़े की कतरनों से जलाने पर सख्ती की है। शनिवार को फतेहाबाद में 3 पेठा इकाइयों पर प्रशासन और पुलिस के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयुक्त रूप से छापा मारा। एक पेठा इकाई को सील कर दिया। दो इकायों में बनीं 8 भट्ठियों को ध्वस्त करा दिया। बृहस्पतिवार को बोर्ड ने डौकी में 11 पेठा इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
इन पर हुई कार्रवाई
फतेहाबाद में बाह रोड तहसील परिसर के पास सुभाष पुत्र कैलाश चंद्र की फैक्टरी में लकड़ी जलाकर बॉयलर चलाया जा रहा था। इस इकाई को एसडीएम फतेहाबाद ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में सील कर दिया। इसके बाद चाचीपुरा खंडरे, फतेहाबाद में पोप सिंह और श्रीपाल की पेठा इकाई में छापा मारा। इनमें चमड़े की कतरनों और लकड़ी, कोयले से भट्ठियों का संचालन होते पाया गया। दोनों परिसरों में कुल 8 भट्ठियों को ध्वस्त करा दिया गया।
ये भी पढ़ें - Agra Crime: एटीएम का गार्ड बनकर बदला डेबिट कार्ड, निकाले 1.10 लाख रुपये
दो दिन में 14 पेठा इकाइयों पर कार्रवाई
उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के तहत कोयले और लेदर कतरन, लकड़ी का उपयोग प्रतिबंधित है। जो इकाई ऐसा करती नजर आएगी, उसे सील करने के साथ भट्ठियों को तोड़ा जा रहा है। दो दिनों में हमने 14 पेठा इकाइयों पर कार्रवाई की है।