15एमएनपी-17-ट्रांजिस्ट हॉस्टल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्क्ष हीर?
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मैनपुरी। पिछड़ा वर्ग के लोगों की शिकायतों पर संज्ञान नहीं लेेने पर एक साल में प्रदेश के 244 लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ पिछड़ा वर्ग आयोग ने कार्रवाई की है। एक साल में 425 मामलों का निस्तारण कराया गया है। यह बातें राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष हीरा ठाकुर ने कहीं।
बुधवार को ट्रांजिस्ट हॉस्टल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ितों की शिकायतों पर संज्ञान लेकर इंद्राणी देवी, पूजा वर्मा को नौकरी दिलवाई गई। हरपाल सिंह को पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाणपत्र जारी कराया गया। प्रदेश भर में 1875 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है। अकेले लखीमपुर खीरी में ही 140 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराकर सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराई गई। पिछड़ा वर्ग के पात्रों को विभिन्न योजनाओं में 6.15 करोड़ का लोन दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग में पीड़ित सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है। उसको 70 दिन में न्याय दिलाया जाता है। उपाध्यक्ष ने बताया कि एक साल में मैनपुरी से की गई 17 शिकायतों में से छह का निस्तारण कराया जा चुका है। शेष मामलों में दूसरे पक्ष को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। इस दौरान संजीव कुमार टाकुर, सुनील कुमार पूर्व प्रधान बाबलपुर, संजय कुमार, अक्षेश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।
खरपरी कांड का लेंगे संज्ञान
पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि खरपरी कांड की जानकारी नहीं है। इस संबंध में आयोग डीएम से जानकारी लेगा। उसके बाद ही आयोग जो संभव होगा, वह कार्रवाई करेगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयेाग कदम उठाएगा। ज्ञात रहे खरपरी में 17 जून की रात एक घर में आग लगा दी गई थी, जिससे पांच लोगों की मौत हुई है।