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भीमनगरी 2016 के मंच पर सियासी रंग

Sat, 16 Apr 2016 12:46 AM IST
अमर उजाला आगरा
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राम अचल राजभ्‍ार - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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 भीमनगरी 2016 का मंच पूरी तरह से सियासी रंग में रंगा नजर आया। बसपा ने वर्ष 2017 में यूपी की सत्ता मांगी है। मंच से न सिर्फ भाजपा, बल्कि कांग्रेस और सपा पर जमकर निशाने साधे गए। इन तीनों राजनीतिक पार्टियों सहित सभी दलों पर अंबेडकर जयंती की आड़ में दलितों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया। नेताओं ने दलितों से इन दलों के बहकावे में न आकर बसपा सुप्रीमो मायावती को पांचवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया।
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जीवनी मंडी, गधापाड़ा क्षेत्र में आयोजित 21वें भीम नगरी समारोह का शुभारंभ बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा, आजादी के इतने साल बाद भी दलित और शोषितों को इंसाफ नहीं मिला है। कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री कांग्रेस, भाजपा (जनसंघ) के रहे हैं, सभी ने दलितों का शोषण किया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक खिसकता देख सोनिया गांधी और राहुल गांधी बाबा साहब को आदर्श मान रहे हैं। कांग्रेस ने हमेशा अंबेडकर के साथ धोखा किया। ऐसा ही भाजपा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यदि अंबेडकर के सच्चे अनुयायी हैं तो प्रमोशन में आरक्षण के बिल को पास करें। वे किसानों और गरीबों से वसूले गए धन से अमीरों को सब्सिडी दे रहे हैं।
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आगरा-अलीगढ़ के चीफ जोन कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और सपा के दबंग 90 फीसदी लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। कहा कि मायावती बाबा साहब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। कई प्रदेशों के प्रभारी अशोक सिद्धार्थ ने भी अपना भाषण अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर ही केंद्रित रखा। सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को अंबेडकरवादी बताने वाले मुलायम सिंह यादव ने कन्नौज में बाबा साहब के नाम पर संचालित मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदल दिया। इस दौरान पूर्व मंत्री नारायण सिंह सुमन, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, विधायक गुटियारी लाल दुबेश, भगवान सिंह कुशवाह, गोरेलाल, सूरज पाल, पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार उर्फ वीरू सुमन, देवेंद्र कुमार चिल्लू आदि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करतार सिंह भारती ने की।
पीले रंग के मंच पर चढ़ा नीला रंग

महापौर का नाम तक नहीं लिया, रूठ कर चले गए

 भीमनगरी महोत्सव का मुख्य मंच भले ही पीले रंग का था लेकिन बसपा नेताओं के भाषणों से यह नीले रंग में रंग कर रह गया। स्थिति यह थी कि बसपा नेताओं ने ध्यान ही नहीं दिया कि इस सामाजिक मंच पर किसी और राजनीतिक दल से जुड़ा नेता भी मौजूद है। इसी उपेक्षा के चलते मेयर इंद्रजीत आर्य काफी देर तक मंच पर बैठने के बाद चले गए। सम्मान तो दूर वक्ताओं ने उनका नाम तक नहीं लिया। उनके जाने के काफी देर बाद किसी को ध्यान आया, तब उनका नाम मंच से पुकारा गया। इतना ही नहीं, महोत्सव में बाबा साहब के जयकारों से ज्यादा राजनीतिक नारे लगे। ‘सर्वसमाज के सम्मान में, बीएसपी मैदान’ जैसे खूब उद्घोष हुए।
मेले का उठाया लुत्फ
अंबेडकर जयंती पर पालीवाल पार्क के गेट से गधापाड़ा तिराहे तक भव्य सजावट की गई है। सजावट देखने और मेले का लुत्फ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शाम को भीड़ थोड़ी हल्की रही लेकिन रात लगभग नौ बजे तक काफी भीड़ हो गई।
वेमुला की मौत पर फिर उठे सवाल
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। गीत-संगीत के माध्यम से बाबा साहब के योगदान का गुणगान किया गया। इसी बीच आर्केस्ट्रा के गायक ने हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी हत्या की गई है।
125 किलो की मोमबत्ती जलाई
आयोजन स्थल पर 125 किलो की मोमबत्ती प्रज्ज्वलित की गई। काफी ऊंची होने के कारण अतिथियों को कुर्सी पर चढ़कर इसे जलाना।
गूंजे बाबा साहब के संदेश

समारोह में डा. अंबेडकर के संदेश भी खूब गूंजे। इसमें कहा गया कि देश में फैली वर्ण और जाति विषमता के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई। गैर बराबरी सामाजिक व्यवस्था को उखाड़ फेंककर समरसता लाने की दिशा में काम किए। बाबा साहब की बदौलत दलित और शोषितों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ रहने का हक मिला। उन्होंने राजतंत्र को खत्म कर लोकतंत्र को मजबूत किया। वह भारत नहीं, विश्व रत्न हैं।
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चांदी का मुकुट पहनाया
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय बरकत अली ने बसपा प्रदेश अध्यक्ष को चांदी का मुकुट पहनाया। साथ ही सभी प्रमुख नेताओं को शॉल भेंट कीं।
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