शहर की पाश कालोनियां। जहां जमीन के भाव तो आसमान छू रहे हैं, लेकिन सुरक्षा शून्य है। कमला नगर में लूट, खंदारी में डबल मर्डर, रिंग रोड पर लूट के लिए हत्या जैसी वारदात से लोग सहमे हुए हैं। स्थिति यह है कि अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं रहा है। बच्चों का खेलना, बाहर जाना तक बंद करा दिया है। लोग दहशत के मारे घरों की चारदीवारी में ही कैद होकर रहने को मजबूर हैं। ऐसा हो भी क्यों न। पुलिस की लापरवाही ही इसकी मुख्य वजह है। चीता मोबाइल गश्त नहीं लगाती, चौकियोें पर ताले लगे हैं। बदमाश कभी भी किसी को निशाना बना रहे हैं। गंगेश्वर कैंपस में कारोबारी की मां की हत्या कर लूट की वारदात के 24 घंटे बाद भी पॉश कालोनियों में कहीं सुरक्षा नहीं बढ़ाई। पेश है सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती यह रिपोर्ट...
शहर के पॉश इलाके लायर्स कालोनी, जयपुर हाउस, कमला नगर, गांधी नगर, नेहरू नगर, सूर्य नगर, केदार नगर, मानस नगर, विभव नगर, शहीद नगर, खंदारी, बाग फरजाना में अक्सर वारदात होती रहती हैं। इन इलाकों में कारोबारी परिवार से लेकर डाक्टर-इंजीनियर तक के घर हैं। लायर्स कालोनी में हाल ही में हास्पिटल संचालक से चेन लूट हुई थी। कालिंदी विहार में डाक्टर के घर में बदमाशों ने लूटपाट की थी। जयपुर हाउस मेें भी चेन लूट की घटनाएं आम बात हैं।
चेन लूट पर रोक नहीं
कालोनियों में बाइकर्स गैंग महिलाओं को अक्सर निशाना बनाता है। पर्स और चेन लूट की वारदात अंजाम देता है। बाइकर्स गैंग सुनसान रास्तों का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे डालते हैं। चीता मोबाइल की गश्त न होने के कारण बदमाश आसानी से भाग जाते हैं।
शहर में 70 चौकी
शहर में 70 पुलिस चौकियां हैं। मगर, इनमें से कई चौकियों पर कभी पुलिस कर्मी तैनात नजर नहीं आते हैं। किसी पर ताला लटका है तो किसी पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं है।
चीता मोबाइल की व्यवस्था
- दो-दो घंटे के लिए चीता मोबाइल की प्वाइंट बनाकर ड्यूटी
- हर घंटे कंट्रोल रूम सिपाहियों की लोकेशन लेता है
- घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचना
- पिस्टल, हथकड़ी, छोटा बैंत, बाइक, सायरन और स्पेशल लाइट, मिर्च पाउडर
- प्रतिदिन मिलता है दो लीटर पेट्रोल
कालोनी में पुलिस गश्त नहीं लगाती है। अपहरण और लूट की बढ़ती घटनाओं से दहशत में हैं। पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जाए।
- अजय, लायर्स कालोनी
कालोनियों में दोपहर के वक्त पुलिस चेकिंग कर सिर्फ खानापूर्ति करती है। एक भी बदमाश चेकिंग के दौरान नहीं पकड़ा गया।
हिमांशु, विजय नगर कालोनी
हमने चंदा करके कालोनी में गेट लगवाएं हैं। रात में गार्ड रहता है। जबकि केदार नगर पुलिस चौकी पर ताला लगा रहता है।
एचएस मान, केदार नगर
केदार नगर में आए दिन चोरी की वारदात होती हैं। मेरी स्कूटी चोरी हो गई थी। चौकी पर गया तो वहां पर ताला लगा मिला।
- ज्योति सडाना, केदार नगर
पुलिस पर भरोसा नहीं है। कालोनी में सिक्योरिटी के लिए निजी गार्ड है। पुलिस क्षेत्र में गश्त भी कभी नहीं करती है।
- रानी सिंह, जयपुर हाउस
शहर में बच्चों के अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस की गश्त न होने के कारण मैं अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने देती हूं।
- संतोष, जयपुर हाउस
सुरक्षित हैं नहीं, छोड़ देंगे आगरा
सपा नेत्री कुंदनिका शर्मा से कानून व्यवस्था के मसले पर बोले व्यापारी
नेशनल चेंबर ने पुलिस के अमानवीय व्यवहार पर जताया रोष
ताजनगरी क्राइम नगरी बन गई है। व्यापारी यहां सुरक्षित है नहीं, इसलिए आगरा छोड़कर जाना ही होगा। सपा सरकार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर नेशनल चेंबर सदस्य सपा नेत्री कुंदनिका शर्मा से यही बोले। शनिवार को नेशनल चेंबर सभागार पहुंचीं कुंदनिका से व्यापारियों ने विजय नगर मामले में पुलिस के अमानवीय व्यवहार पर रोष जताया।
चेंबर अध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा कि विजय नगर के लोगों ने अपनी जेब से पुलिस चौकी बनवा कर दी, लेकिन चौकी के सामने ही दिनदहाड़े महिला की हत्या कर दी गई। पुलिस हाईपावर मीटिंग बुलाकर नया प्लान तैयार करे।
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर कमला नगर में थाना बनवाने का वादा कर गए थे। अब तक यह काम कितना आगे बढ़ा, यह व्यापारी जानना चाहते हैं। कुंदनिका शर्मा ने व्यापारियों से कहा कि विजय नगर हत्याकांड का जल्द खुलासा होगा। कमला नगर थाना भी वह बनवा कर रहेंगी। बैठक में राजीव अग्रवाल, योगेंद्र सिंघल, सीताराम अग्रवाल, विष्णु भगवान अग्रवाल आदि मौजूद रहे।