आगरा कमिश्नरेट पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष बनाया जा रहा है। इसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण देकर उन्हें एआई कमांडो के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे वे कामकाज को सरल बना सकेंगे।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में चैट जीपीटी, जेमिनी, पेरप्लेक्सिटी आदि की जानकारी दी जा रही है। इनका प्रयोग एफआईआर लिखने, धाराओं को समझने, साइबर अपराध की जांच में दिशानिर्देश, जागरूकता के लिए संदेश निर्माण और सरल भाषा में दस्तावेज तैयार करने में किया जाएगा। साथ ही डीजीपी और शासन से आने वाले सर्कुलर का सारांश बनाने में भी मदद ली जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट में एफएआई, ईबीआईटीए, एआई आरजीबीओटी एप भी हैं। इनको कैसे चलाना है, किस तरह मदद ली जा सकती है। इसके बारे में भी जानकारी दी जा रही है। तीनों एप अलग-अलग तरीके से प्रयोग में लाए जा रहे हैं।
आगरा पुलिस ने बनाए 18 एप
आगरा पुलिस ने 18 से अधिक एप बनाए हैं। इनमें कोर्ट की सुनवाई की जानकारी के लिए सीसीएमएस, बैरियर चैकिंग एप सहित अन्य हैं। डीसीपी सिटी ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक व कृत्रिम बुद्धिमता का प्रयोग अब विकल्प नहीं आवश्यकता बन चुका है। इस प्रकार की पहल पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाएगी।