डीजीपी जावीद अहमद ने रविवार को आगरा में अफसरों के साथ मीटिंग के दौरान दागी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का फरमान क्या सुनाया, महकमे में हड़कंप मच गया। तमाम पुलिसवाले यह जानने की कोशिश में लग गए कि कहीं दागियों की सूची में उनका नाम तो नहीं। उधर, आईजी सुजीत पांडे इस फरमान से पहले ही 78 की लिस्ट फाइनल कर चुके थे। हालांकि इनमें ज्यादातर का ट्रांसफर अपराधियों से सांठगांठ के आधार पर नहीं किया गया है लेकिन कई के खिलाफ गंभीर शिकायतें थीं। अभी एक और सूची बन रही है।
लिस्ट में अपना नाम देखते ही तमाम पुलिसवाले भाजपा नेताओं की शरण में पहुंच गए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जगदीशपुरा थाना के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिसौदिया का तबादला एक वरिष्ठ भाजपा नेता की सिफारिश पर रुक गया है। उनका ट्रांसफर हाथरस के लिए किया गया था। अन्य पुलिसकर्मियों को भी अभी रिलीव नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि ये भी तबादला रुकवाने की जुगाड़ में हैं। 78 में से 15 पुलिसकर्मियों के तबादले अनुकंपा के आधार पर उनकी इच्छा के अनुसार किए गए हैं। जो पुलिसकर्मी मुठभेड़ के दौरान घायल हुए, उन्हें इनाम के तौर पर मनचाही पोस्टिंग दी गई है।
10 दागियों पर ही हो पाई कार्रवाई
आगरा। 78 पुलिसकर्मियों में से सिर्फ दस ही ऐसे बताए गए हैं, जिन पर जांच में गंभीर आरोप मिले हैं। कोई जुआ करा रहा था तो कोई सट्टा। चार के संबंध अपराधियों से हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आईजी ने खुफिया पुलिस से इनकी जांच कराई थी। रिपोर्ट आने केबाद ही इन पर कार्रवाई की गई है।
तीन थाना प्रभारी हटाए गए
आगरा। जनपद से चार इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर और 12 कांस्टेबल हटाए गए हैं। इनमें से तीन थाना प्रभारी हैं। ये हैं एत्मादपुर के श्याम सिंह पीलवान, रकाबगंज के विजय सिंह और खंदौली के रवि त्यागी। इनकी जगह अभी नई पोस्टिंग नहीं की गई है। इन्हें रिलीव भी नहीं किया गया है।