आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने बृहस्पतिवार को साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई की है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 13 राज्यों के लोगों की दर्ज 178 शिकायतों के तार आगरा से जुड़े निकले। 50 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले 60 लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में 16 प्राथमिकी दर्ज की गईं। 100 से अधिक जगह पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। किसी ने अपने खाते ठगी की रकम लेने में इस्तेमाल कराए तो किसी ने परिचितों के खातों में धोखे से रकम मंगवाई। खाते भी किराये पर दिए।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर 13 राज्यों से शिकायतें दर्ज हुई थी। जिन लोगों से ठगी हुई थीं, उनसे रकम अलग-अलग खातों में ली गई थी। इस रकम को एटीएम से निकाल भी लिया गया था। कई लोगों की रकम को ई-वॉलेट में ट्रांसफर कराया था। साइबर ठगों ने लोगों से बात करने के लिए जिन सिम का प्रयोग किया, वह भी दूसरों की आईडी पर ली गई थी। ऐसे आगरा के 178 लोग चिह्नित किए गए थे। इन लोगों के बारे में साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच की। सत्यापन के बाद 60 लोगों पर कार्रवाई की गई। जगदीशपुरा, रकाबगंज, सदर बाजार, एकता, छत्ता, कमला नगर, ट्रांस यमुना, न्यू आगरा, सिकंदरा, कागाराैल, मलपुरा, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, पिनाहट और चित्राहाट थाने में 16 प्राथमिकी आईटी एक्ट की धारा में दर्ज की गईं। अधिकतर आरोपियों को नोटिस देने के बाद थाने से छोड़ा गया है।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर गेमिंग एप से ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया कि पोर्टल पर दर्ज शिकायत अलग-अलग तरह की साइबर ठगी की थीं। किसी को डिजिटल अरेस्ट किया गया, किसी से गेमिंग एप के नाम से रकम ली गई। इसके अलावा निवेश का झांसा दिया गया। रकम दोगुनी करने का लालच देकर ठगने वाले भी अधिक थे। कई ने नौकरी का भी झांसा दिया।
आरोपियों में आधा दर्जन महिलाएं भी
साइबर ठगी के लिए जिन नंबरों का प्रयोग किया गया, उनकी लोकेशन घटना के समय आगरा की थी। इस पर आरोपियों को चिह्नित किया गया। एक साथ थाना पुलिस के साथ छापामारी की गई। पूरी रात दबिश देकर आरोपियों को पकड़ लिया गया। आरोपियों में आधा दर्जन महिलाएं भी शामिल हैं। चार महिलाओं के खिलाफ अकेले थाना जगदीशपुरा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चंबल के बीहड़ में पकड़े जा चुके गिरोह
पुलिस पहले भी साइबर ठगों को गिरफ्तार कर चुकी है। चंबल का बीहड़ मिनी जामताड़ा के नाम से जाना जाने लगा था। कई गांवों को चिह्नित किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। आगरा में सिम बेचने वाले, ठगी करने वाले सहित विदेशी साइबर ठगों के कई मददगार पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद भी नए मामले सामने आ रहे हैं।
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