आगरा के थाना ताजगंज में डकैती के 10 वर्ष पुराने मामले में थानाध्यक्ष की कोर्ट में गवाही होनी थी। थानाध्यक्ष कोर्ट में गवाही नहीं देने पहुंचे, जिसके बाद कोर्ट ने एसपी से जवाब-तलब किया है।
आगरा के थाना ताजगंज में 10 वर्ष पुराने एक डकैती के मामले में गवाही देने थानाध्यक्ष पटियाली नहीं आए। उनके विरुद्ध प्रतिकूल आदेश पारित किया गया। एडीजे-12 ने इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक कासगंज से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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थाना ताजगंज में डकैती व अन्य धाराओं में वर्ष 2012 में केस दर्ज हुआ था। विवेचना लोकेश भाटी ने की थी। उन्होंने आरोपी जितेंद्र, राजू, मुनेश, विजय उर्फ नेपाली, मंगल, सतेंद्र और मनोज के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। तत्कालीन विवेचक लोकेश भाटी वर्तमान में कासगंज के थाना पटियाली के थानाध्यक्ष के पद पर तैनात हैं।
अदालत से लोकेश भाटी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट, नोटिस, व्यक्तिगत मोबाइल पर भी सूचना प्रदान की गई लेकिन इसके बाद भी वह गवाही देने कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। दूसरी ओर थानाध्यक्ष पटियाली ने कहा कि पुलिस अधीक्षक कासगंज के अनुमति प्रदान न करने के कारण वह अदालत में हाजिर होने में असमर्थ हैं।
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एडीजे-12 महेंद्र कुमार ने आदेश में कहा है कि जिले के पुलिस अधिकारी ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया, यह अत्यंत आपत्तिजनक है। वह विवेचक लोकेश भाटी को कार्यमुक्त कर साक्ष्य अंकित कराने के लिए 10 नवंबर 2025 को अदालत में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें। नहीं तो स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।अदालत ने आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक और महानिदेशक अभियोजन को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजने के भी आदेश दिए।