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छात्रा की मौत का मामला: तीन छात्रों का नहीं हुआ पॉलीग्राफी टेस्ट, पुलिस को जाना पड़ा कोर्ट

Wed, 04 Dec 2019 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के बाहर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा की कथित हत्या के मामले में पॉलीग्राफी टेस्ट कराने लखनऊ गई पुलिस को बिना जांच के ही लौटना पड़ा। तीन छात्रों के नाबालिग होने के कारण सोमवार को लखनऊ में टेस्ट नहीं हो सका। मंगलवार को भोगांव थाना पुलिस की ओर से किशोर न्यायालय से अनुमति मांगी है। 
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डीएनए टेस्ट के लिए सोमवार को तीन छात्र और एक शिक्षक के खून का नमूना जिला अस्पताल में लिया गया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक भोगांव पहुप सिंह तीन छात्र, महिला वॉर्ड और एक पुरुष शिक्षक को पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए लखनऊ ले गए। 

तीनों छात्र नाबालिग थे, इस कारण किसी का भी पॉलीग्राफी टेस्ट नहीं हो सका। कोर्ट का आदेश न होने पर भोगांव पुलिस को लौटना पड़ा। मंगलवार को भोगांव पुलिस की ओर से किशोर न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर तीनों छात्रों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गई है। 
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एसआईटी ने डॉक्टरों के बयान लिए

इधर, मंगलवार दोपहर बाद एसआईटी ने नवोदय विद्यालय पहुंचकर दोबारा निरीक्षण किया। इसके बाद एसआईटी के अध्यक्ष आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल, एसपी अजय कुमार पांडेय, सीओ एसटीएफ श्यामकांत सिंह ने कई लोगों के बयान दर्ज किए। 

पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल डॉक्टरों और सीएमओ को ट्रांजिस्ट हॉस्टल में बुलाया और बयान लिए। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने पोस्टमार्टम में कोई तथ्य नहीं छोड़ा है। 

चिकित्सक आनंद किशोर, पवन राजपूत और डॉ.  निशिता के बयान भी दर्ज किए। इसके अलावा पंचनामा के गवाह सुशील पांडेय, आशीष पांडेय, श्याम पांडेय, विजय मिश्रा और आशुतोष पाठक को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। आशुतोष नहीं आ सके। 
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