आगरा। हेलो मैं बांदा की रहने वाली हूं। मुझे 15 दिनों से आगरा के होटल में बंधक बना कर रखा हुआ है। थाना छत्ता पुलिस को यह कॉल शनिवार दोपहर में आया और पूरे जोन की पुलिस में सक्रिय हो गई। कई थाना प्रभारी, सर्विलांस और एसओजी की टीमें गठित कर तलाश शुरू की गई। होटलों की जांच शुरू की गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद सूचना के फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे थाना छत्ता के सरकारी फोन नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद के बांदा की रहने वाला बताया और छत्ता थाना क्षेत्र के एक होटल में 15 दिनों से बंधक बनाकर रखने की बात कही। पुलिस से मदद की मांग की। होटल का नाम पूछने पर कॉल काट दी गई। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और पांच टीमें गठित की गईं। थाना छत्ता और उसकी सीमा से लगे अन्य थाना क्षेत्रों में संचालित होटलों की तलाशी शुरू कर दी। आगंतुक रजिस्टर चेक किए गए। महिला का कोई पता नहीं चला। इस दौरान शिकायत करने वाला नंबर बंद था। पुलिस कॉल करने वाले नंबर की लास्ट लोकेशन निकाल मौके पर पहुंची। वहां कोई नहीं मिला। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम मोबाइल नंबर के रजिस्टर्ड पते पर पहुंची, तो जानकारी हुई कि मोबाइल कुछ समय पहले गुम हो गया था। किसी शरारती तत्व ने पुलिस को फर्जी सूचना दी है। पुलिस अब कॉल करने वाले शरारती तत्व के बारे में जानकारी जुटा रही है।