मूलरूप से हाथरस निवासी राज चौहान का परिवार ट्रांस यमुना इलाके में रह रहा है। राज चौहान ने 9 मई 2025 को रंगबाजी में नगला रामबल के प्रिंस उर्फ काली यादव को अपने दो साथियों के साथ गोली मारी थी। इसके बाद उसको जबरन बाइक पर ले गया था। शाहदरा ले जाकर पिटाई की थी। दो गोली और चलाई थी। पुलिस ने प्रिंस को अस्पताल में भर्ती कराया था।
एक मामले में राज को जेल भेजा गया था। 2 दिसंबर, 2025 को जेल से रिहा होने के बाद राज ने समर्थकों संग जुलूस निकाला था। तब से यह ज्यादा चर्चा में आ गया था। 23 जनवरी की रात एसएन गेस्ट हाउस में शराब पार्टी के दौरान राज की हत्या की गई थी। मामले में पुलिस ने अरबाज खान उर्फ मंसूरी को मुठभेड़ में ढेर किया था। आशु तिवारी, मोहित पंडित, विष्णु पंडित उर्फ भुल्ला, शिवांग शर्मा, आकाश प्रजापति, विनय, रोहित फाैजी और विजय कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इस घटना के बाद से ही जेल में बंद आरोपी गैंगस्टर आलोक यादव और हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। राज की मां ने पुलिस कमिश्नर से भी मुलाकात कर हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कही थी। इस पर जांच के आदेश किए गए थे। अब दोनों का रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में विवेचना चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आलोक के करीबियों पर पुलिस की नजर
पुलिस ने बताया कि आलोक यादव जेल में बंद है। मगर उससे मिलने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। विवेचना में 6 और लोगों के नाम सामने आए हैं। यह लोग घरों से भाग गए हैं। इन पर राज चाैहान की हत्या में कहीं न कहीं शामिल होने का शक है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस टीम लगी है।