रिश्वत के रुपये वसूलने के लिए पुलिसकर्मी एक फौजी को साथ लेकर एटीएम तक पहुंच गए। एटीएम पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिसकर्मी कैद हो गए हैं। रिश्वत देने के बाद फौजी ने मामले की शिकायत आर्मी के उच्च अधिकारियों से कर दी। एडीजी आगरा के आदेश पर सीओ आगरा मामले की जांच कर रहे हैं।
आगरा के कैंट क्षेत्र निवासी ओमबिहारी शर्मा पुत्र मेवाराम शर्मा भारतीय सेना में हवलदार के पद पर आगरा में ही तैनात है। वह दो जुलाई की रात को करीब नौ बजे अपनी ससुराल गांव भूतनगरिया थाना पचोखरा से पत्नी के साथ कार से आगरा लौट रहे थे। फौजी कार को सड़क पर खड़ा कर अपने साले के पास चला गया। तभी पचोखरा की थार मोबाइल ने सड़क पर कार खड़ी देख चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस कार में मिलिट्री कैंटीन से खरीदी गई शराब व एक चाकू मिलने पर हरकत में आ गई।
फौजी कार के पास पहुंचा, तो पुलिस ने उसे व उसके भतीजे अभिषेक शर्मा को पकड़ लिया और थाने ले गई। फौजी ने पुलिस को समझाने का प्रयास किया, किंतु पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के बदले पुलिस ने एक लाख रुपये मांगे। साठ हजार रुपये में सौदा तय होने पर फौजी ने 30 हजार रुपये ससुराल से मंगाकर पुलिस को दे दिए। शेष 30 हजार रुपये एटीएम से निकालने की पेशकश कर दी।
लालच में फंसी पुलिस अभिषेक को सरकारी जीप में बैठाकर रुपये निकालने के लिए टूंडला सुभाष चौराहे स्थित एटीएम पर आ गई। रुपये वसूलने के बाद दोनों को छोड़ दिया। फौजी ने आगरा पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत अपने अधिकारियों से कर दी। इस मामले से एडीजी आगरा अजय आनंद को अवगत कराया गया। मामले में जांच आगरा के सीओ को सौंपी गई है। सीओ ने आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फौजी से पैसा लेकर उसे छोड़ने का मामला संज्ञान में आया है। आगरा के सीओ को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
संजय वर्मा, सीओ, टूंडला।