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शहादत को सलाम, वीरनारियों का सम्मान

Thu, 22 Oct 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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कर्तव्य के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों की स्मृति में बुधवार को पुलिस लाइन में भव्य आयोजन किया गया। इसमें शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया।
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बुधवार सुबह पुलिस लाइन में कार्यक्रम की शुरुआत परेड के साथ हुई। इसके बाद स्मृति दिवस पर प्रकाशित होने वाली शोक पुस्तिका के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में शहीद एचसीपी (हेड कांस्टेबल प्रमोटी) ओमप्रकाश गौतम की पत्नी राजनश्री, आरक्षी राजवीर सिंह की पत्नी राखी और एसआई (नागरिक पुलिस) अरुण कुमार की पत्नी गायत्री देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उन्हें सरकार से मिलने वाली सहायता राशि का चेक भी भेंट किए। अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर शोक पुस्तिका रखी और पुष्प चक्र अर्पित किए। गारद की सलामी और शोक शस्त्र किया गया। कार्यक्रम में आईजी डीसी मिश्रा, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह सहित जिले के पुलिस अधिकारी, सभी थानों के इंस्पेक्टर, एसओ, इंटेलीजेंस, विजीलेंस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एसएन में पुलिसवालों को मिलेगा नि:शुल्क इलाज
पुलिसकर्मी और परिजनों के लिए खुशखबर है। उनके इलाज का जिम्मा प्रदेश सरकार ने उठाया है। शासन की ‘जवान’ नाम से इस योजना की शुरुआत जल्द ही आगरा के एसएन मेडिकल कालेज से होगी। इसके लिए कालेज को 50 लाख रुपये का बजट दिया जाएगा। इस योजना के तहत जिले के पुलिसकर्मी और उनके परिजन कैंसर, किडनी, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियाें का नि:शुल्क इलाज करा सकेेंगे।
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इसके लिए बाकायदा ‘जवान’ हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। इसमें कार्डधारक का पूरा विवरण, घर के सदस्यों की संख्या दर्ज होगी। एसएन कालेज में इसके लिए अलग से प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। ओपीडी में दिखाने के बाद मरीज को विभाग में कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा।
पांच-छह पुलिसकर्मी ही आते इलाज को
एसएन में सरकारी कोटे के तहत दवा वितरण काउंटर अलग से है। यहां सरकारी विभाग (राज्य) के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकारों को दवाएं दी जाती हैं। यहां औसतन 40-50 पर्चे ही आते हैं। इसमें पुलिसकर्मियों की संख्या महज पांच से छह ही रहती है।
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