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साइबर अपराध पर थाना पुलिस ही करेगी कार्रवाई

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आगरा। होली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्र-छात्राएं - फोटो : Agra City
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आगरा। साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई थानों में ही होगी। किसी के साथ एटीएम में धोखाधड़ी हुई हो या फिर खाते से पैसे निकाल लिए गए हों, वह शिकायत लेकर नजदीकी थाने में ही जाए। वहां साइबर अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं। अगर कोई मामला साइबर सेल भेजा जाना जरूरी होगा तो इसे पुलिस ही भेजेगी... यह कहना है एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का। वह छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब दे रहे थे। सवाल जितने तीखे थे, वे उतनी ही सहजता और सरलता से उनके समाधान बता रहे थे।
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मौका था होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा में अमर उजाला फाउंडेशन के तहत बुधवार को लगी पुलिस की पाठशाला का। थानों की कार्यशैली पर जब छात्र-छात्राओं ने सवालों की झड़ी लगाई तो एसपी सिटी ने अपना मोबाइल नंबर 9454401007 देते हुए कहा कि अगर थाने पर सुनवाई में कोई आनाकानी करे तो वे सीधे उन्हें फोन करें। यूपी पुलिस के एप यूपीकॉप पर जाकर घर बैठे ई-एफआईआर भी कर सकते हैं, इसकी कॉपी भी डाउनलोड की जा सकती है।
सवाल: फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप हैक हो जाएं तो क्या करें। - नितिन कुमार, कक्षा नौ
जवाब : अपने फेसबुक एकाउंट में एक संदेश डालना चाहिए। इसमें लिखें कि मेरी आईडी हैक कर ली गई है। व्हाट्सएप के बारे में भी अपने परिचितों को बताएं। पुलिस से शिकायत करें। हैकर्स को ट्रैक किया जाएगा।
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. सवाल : लड़कियों के साथ होने वाले अपराध के लिए कई सख्त कानून हैं, लेकिन लड़कों के लिए नहीं। ऐसा क्यों। - विशाल प्रजापति, कक्षा दस
जवाब: सभी के लिए कानून बने हैं। लड़कियों के साथ अपराध के मामले अधिक होते हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा सुरक्षा की जरूरत होती है। इसलिए कानून भी अलग बनाए गए हैं।
. सवाल : शराब पीकर वाहन चलाने वालों की चेकिंग नहीं होती है। हादसे पर ही पुलिस जागती है, ऐसा क्यों। - केशव सिंह तोमर, कक्षा आठ
जवाब : ऐसा नहीं है, समय-समय पर चेकिंग की जाती है। अब स्मार्ट सिटी के कैमरे भी लगे हैं। हर कोई कैमरे की नजर में है। किसी तरह के अपराध होने पर कैमरे में फुटेज आते हैं। पुलिस वाहन की नंबर प्लेट की मदद से आरोपी तक पहुंचती है।
. सवाल : साइबर अपराध के मामले में थाना पुलिस तत्काल कार्रवाई नहीं करती। साइबर सेल जाने के लिए क्यों बोला जाता है। हर्ष छोंकर, कक्षा 12
जवाब : साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई के लिए साइबर क्राइम सेल का गठन किया गया है। मगर, हर थाने में साइबर अपराध पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस एक फॉर्म भरवाती है। इसके बाद साइबर क्राइम सेल में भेज दिया जाता है। अगर, किसी थाने में ऐसा नहीं होता है तो वह उनसे शिकायत कर सकते हैं। इसलिए फोन पर अपनी निजी जानकारी नहीं देनी चाहिए।
. सवाल : कई बार पुलिसकर्मी रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ देते हैं? ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। - वंशिका, कक्षा दस
जवाब : अगर, कोई पुलिसकर्मी आपसे रिश्वत लेता है तो शिकायत करें। आनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
सवाल: कई बार अंजान नंबर से कॉल आती है। काल को ब्लाक करने पर भी कालर दूसरे नंबर से काल आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। अनुष्का भार्गव, कक्षा 11
जवाब : पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। अपने अभिभावक और शिक्षक को बताना चाहिए। 1090 पर शिकायत कर सकते हैं। आपका नाम और पता किसी को पता भी नहीं चलेगी। उस व्यक्ति को सजा भी मिल जाएगी।
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. सवाल : ईव टीजिंग से बचाने के लिए पुलिस क्या कर रही है। अनुष्का सिंह, कक्षा छह
जवाब : कोई व्यक्ति अगर ईव टीजिंग कर रहा है तो पुलिस से शिकायत करें। इस बारे में अपने परिजनों को बताएं। आप उस व्यक्ति को कुछ नहीं मिले। सीधे पुलिस से शिकायत करेंगे। आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाता है।
सवाल : दुष्कर्म के केस में कार्रवाई जल्दी नहीं होती है। - हर्लीन कौर, कक्षा आठ
जवाब : आगरा पुलिस ने हाल ही में कई घटनाओं में कोर्ट से समन्वय किया गया। दुष्कर्म के मामले मेें एक महीने के अंदर सजा दिलाई गई है। छात्राएं गुट टच और बेड टच को समझें। इसके बारे में छिपाएं नहीं। पुलिस इस तरह के सभी मामले में त्वरित कार्रवाई करती है। आरोपियों को सजा दिलाने का काम किया जा रहा है।
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. सवाल : क्या महिला हेल्प लाइन नंबर 1090 24 घंटे चालू रहता है। जाह्नवी, कक्षा सात
जवाब : हां, यह नंबर 24 घंटे चालू रहता है। इस नंबर पर शिकायत करने वाले की कॉल लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम में जाती है। इसे रिसीव किया जाता है। इसके बाद लखनऊ से पुलिस थाना में कॉल आती है। इसमें शिकायत करने वाले के बारे में बताया था। कॉल करके परेशान करने वाले के बारे में बताया जाता था। आरोपी को पकड़ा जाता है। उसे जेल भेजा जाता है।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। कहा कि यह जरूरी नहीं है कि परीक्षा में फर्स्ट आने वाला अपने जीवन में सफलता पाए। यह भी जरूरी नहीं कि कक्षा में सबसे पीछे बैठने वाला फेल होता है तो कुछ नहीं कर पाए। हम लोगों में काफी क्षमता है। बस जरूरत है तो अपनी क्षमता को पहचानने की। इससे सफलता प्राप्त की जा सकती है। हर अधिकारी, उद्योगपति और राजनेता की सफलता के पीछे हार्ड वर्क छिपा होता है। लक्ष्य निर्धारित करें, सफलता जरूर मिलेगी।
चेयरमैन संजय तोमर ने कहा कि विद्यार्थियों ने एक साल के अंदर बहुत कुछ सीखा है। अब सभी मास्क लगाकर ही स्कूल आते हैं। यह अच्छी बात है। डिजिटल पढ़ाई की वजह से आज बच्चों के हाथ में मोबाइल आ चुका है। मगर, इस मोबाइल का इस्तेमाल सही तरीके से करना है। साइबर अपराध से भी बचना है। डिजिटल वर्ल्ड में सावधानी जरूरी है। अपने क्रेडिट-डेबिट कार्ड की जानकारी आनलाइन शॉपिंग के दौरान सेव नहीं करें। पुलिस की पाठशाला में स्कूल की समन्वयक निवेदिता भार्गव रहीं, जबकि संचालन सारिका शर्मा ने किया।
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