...तो साझीदार ने पकड़वाया
देवेंद्र के पकड़े जाने के बाद एक और बात चर्चा में है। पहले देवेंद्र और एक अन्य मिलकर काम करते थे। सीरप, दवा व कमीशन का रेट फिक्स होता था। रेट को लेकर दोनों में विवाद हो गया। वह अलग हो गए। एक-दूसरे का माल पकड़वाने लगे। बीते दिनों गोरखपुर में पकड़ी गई खेप भी इसी का हिस्सा थी। इससे आशंका है कि देवेंद्र साझीदार की वजह से पकड़ा गया।
कोर्ट में तबीयत खराब, अस्पताल पहुंचते ही ठीक
थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि देवेंद्र आहूजा को शनिवार दोपहर को पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची। पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें लिखा कि दवा के माफिया से पूछताछ करनी है। इसके लिए ट्राजिंट रिमांड मांगी। सीजेएम ने प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर लिया।
उसे 29 नवंबर की शाम चार बजे तक के लिए ट्रांजिट रिमांड पर देने के आदेश किए। तभी देवेंद्र आहूजा ने तबीयत खराब होने की बात कही। अपने सीने में दर्द बताया। इस पर पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर आई। अस्पताल में चिकित्सक की जांच में वह फिट निकला। हालांकि उसे दवा दी गई। इसके बाद पुलिस उसे पश्चिम बंगाल लेकर चली गई।