वर्ष 1885 तक न केवल शहरी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी चौकीदार नियुक्त किए गए। आगरा जिले में 2160 चौकीदार और 98 चौकीदार सड़कों की निगरानी के लिए रखे गए। हर 800 लोगों की सुरक्षा के लिए एक सिपाही की तैनाती तब की गई थी।
शहर में तब ये थे थाने
कोतवाली, छत्ता, रकाबगंज, हरीपर्वत, लोहामंडी, ताजगंज, एत्माद्दौला, सदर और लाल कुर्ती। इनमें से लालकुर्ती और सदर छावनी क्षेत्र के लिए थे, जबकि बाकी सात शहर के लिए। सबसे ज्यादा फिरोजाबाद थाने का क्षेत्र था, जो 114 गांवों के लिए था। 1905 तक आते आते पुलिसकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और तब इनकी संख्या 952 हो गई, जिनमें से 48 सब इंस्पेक्टर, 61 हेड कांस्टेबल और बाकी सिपाही थे।
इंपीरियल गजेटियर के मुताबिक तब 2151 गांव में चौकीदार थे। 18 कांस्टेबल और 122 सिपाही तब रिजर्व में रखे जाते थे। दिसंबर 1905 में आईसीएस एचआर नेविल ने आगरा गजेटियर में बताया है कि आगरा में एक एसपी, दो एएसपी और चार सीओ के साथ दो आरआई तैनात थे।