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Police Commissionerate: मुगलों की पुलिसिंग अंग्रेजों ने सुधारी, आगरा में बनाए थे 31 थाने, जानिए इतिहास

Sun, 27 Nov 2022 01:00 PM IST
मुकेश कुमार अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला आगरा

सार

वर्ष 1860 के बाद अंग्रेजों ने कानून व्यवस्था को सख्त करने के लिए कोतवाली के साथ 31 थाने बनाए थे। जिले में कुल 744 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। 
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थाना कोतवाली, आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस कमिश्नरी बनाने में आगरा को प्रदेश सरकार ने दूसरे चरण में चुना, लेकिन मुगलों और ब्रिटिश राज के दौरान पुलिस व्यवस्था सबसे पहले आगरा में ही सुधारी गई थी। मुगलिया दौर की पुलिस व्यवस्था को वर्ष 1860 में अंग्रेजों ने बदला, जब उन्होंने नार्थ वेस्ट प्रोविंस की राजधानी आगरा में पहले पुलिस आईजी एचएम कोर्ट को नियुक्त किया। 

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अंग्रेजों ने कानून व्यवस्था को सख्त करने के लिए कोतवाली के साथ 31 पुलिस थाने बनाए, जिनमें से नौ सिर्फ शहर में बनाए, जबकि 22 आगरा के देहात और कस्बों में बनाए गए। इनमें कुल 744 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वर्ष 1885 में भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल डब्ल्यूडब्ल्यू हंटर ने दि इंपीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया को जारी किया, जिसमें आगरा की पुलिस व्यवस्था का ब्योरा दिया गया है।

1860 के बाद आया सुधार 

पुलिस कमिश्नरी लागू करने से 162 साल पहले वर्ष 1860 में पहले आईजी एचएम कोर्ट को नियुक्त किया गया। तब के नार्थ वेस्टर्न प्रोविंस में मौजूदा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली आता था। नार्थ वेस्टर्न प्रोविंस से पहले आगरा प्रेसिडेंसी था, जिसके गवर्नर सीटी मेटकॉफ रहे, लेकिन पुलिस व्यवस्था में सुधार 1860 के बाद नजर आया। 

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वर्ष 1885 तक न केवल शहरी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी चौकीदार नियुक्त किए गए। आगरा जिले में 2160 चौकीदार और 98 चौकीदार सड़कों की निगरानी के लिए रखे गए। हर 800 लोगों की सुरक्षा के लिए एक सिपाही की तैनाती तब की गई थी। 

शहर में तब ये थे थाने

कोतवाली, छत्ता, रकाबगंज, हरीपर्वत, लोहामंडी, ताजगंज, एत्माद्दौला, सदर और लाल कुर्ती। इनमें से लालकुर्ती और सदर छावनी क्षेत्र के लिए थे, जबकि बाकी सात शहर के लिए। सबसे ज्यादा फिरोजाबाद थाने का क्षेत्र था, जो 114 गांवों के लिए था। 1905 तक आते आते पुलिसकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और तब इनकी संख्या 952 हो गई, जिनमें से 48 सब इंस्पेक्टर, 61 हेड कांस्टेबल और बाकी सिपाही थे। 

इंपीरियल गजेटियर के मुताबिक तब 2151 गांव में चौकीदार थे। 18 कांस्टेबल और 122 सिपाही तब रिजर्व में रखे जाते थे। दिसंबर 1905 में आईसीएस एचआर नेविल ने आगरा गजेटियर में बताया है कि आगरा में एक एसपी, दो एएसपी और चार सीओ के साथ दो आरआई तैनात थे। 
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