कार्रवाई: प्रभारी निलंबित (सांकेतिक तस्वीर)
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आगरा के शमसाबाद-राजाखेड़ा मार्ग पर उटंगन नदी चेक पोस्ट पर राजस्थान से आने वाले गिट्टी और डस्ट से भरे ट्रकों से पुलिस की वसूली का खेल चल रहा था। एसपी पूर्वी के. वेंकट अशोक ने एक मुखबिर को ट्रक चालक बनाकर पुलिसकर्मियों के पास भेजा। उन्होंने रुपये लेने के बाद ट्रकों को ले जाने की अनुमति दे दी। इस पर एसपी पूर्वी ने एसएसपी मुनिराज जी को रिपोर्ट दी। एसएसपी ने एसओ शमसाबाद थाना और पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
एसपी पूर्वी के. वेंकट अशोक को शिकायत मिल रही थी कि शमसाबाद-राजाखेड़ा मार्ग पर राजस्थान की ओर से गिट्टी और डस्ट से भरे ओवरलोडेड ट्रक शमसाबाद थाना क्षेत्र से पुलिस की मिलीभगत के चलते प्रवेश कर रहे हैं।
सूचना पर एसपी पूर्वी रविवार तड़के तकरीबन चार बजे एक निजी गाड़ी से राजाखेड़ा मार्ग पर उटंगन नदी की चेक पोस्ट पर पहुंचे। यहां शमसाबाद थाने में तैनात सिपाही सुनील कुमार, वेद प्रकाश, सोनू राविश, विनय कुमार और संजय कुमार की ड्यूटी थी। इनको राजस्थान सीमा से होने वाले अवैध खनन को रोकने और ओवरलोडेड वाहनों को पकड़ने के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था।
मुखबिर ने सिपाहियों से बात की
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। मगर, यहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही वाहनों से वसूली करने में लगे थे। एसपी पूर्वी के. वेंकट अशोक ने अपने मुखबिर को ट्रक चालक बनाया। वह सिपाहियों के पास पहुंचा। वह खुद अपनी गाड़ी में बैठे रहे। मुखबिर ने सिपाहियों से बात की।
कहा कि वह राजस्थान की सीमा से कुछ ट्रकों को निकलवाएगा। इसके एवज में सिपाहियों को रुपये भी दिए। सिपाहियों ने रुपये ले लिए। यह वसूली एसपी पूर्वी के सामने हुई। वह वीडियो भी बनवा रहे थे। सिपाहियों के रुपये लेने के बाद एसपी पूर्वी सामने आ गए। उन्होंने अपना परिचय दिया। इस पर सिपाहियों के होश उड़ गए। एसपी पूर्वी ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को दी।
एसएसपी ने थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, सिपाही सुनील कुमार, वदे प्रकाश, सोनू राविश, विनय कुमार, और संजय कुमार को निलंबित कर दिया। एसओ को इसके लिए जिम्मेदार माना गया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
सिपाही की हो चुकी है हत्या
खेरागढ़ सर्किल में कुछ महीने पहले अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने पर पुलिस टीम पर हमला बोला गया था। एक सिपाही की ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अभियान चलाया था। अवैध खनन करके लाने वाले वाहनों को पकड़ा था। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ही अवैध वसूली में लगे हैं।