यूपी 100 के लिए अलग से पुलिस फोर्स नहीं मिलेगा। थानों की पुलिस से ही काम चलाया जाएगा। जनपद में कुल 284 पुलिसकर्मी इस योजना में तैनात कर दिए गए हैं। इन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है, जो 16 अक्तूबर तक पूरी हो जाएगी। 20 अक्तूबर से स्कीम को लागू करना है। इसमें सूचना मिलने पर पुलिस को दस मिनट में मौके पर पहुंचना है।
स्कीम लागू हो जाने के बाद पुलिस के पास वाहन तो बढ़ जाएंगे लेकिन फोर्स उतनी ही रहेगी। ऐसे में देखना यह है कि बगैर मैनपावर के बढ़े पुलिस सुपरमैन कैसे बनती है। जनपद के कई थानों में पहले से फोर्स कम है। ऐसे में यूपी 100 ( पहले डायल 100) में फोर्स चले जाने का असर पड़ सकता है। यूपी 100 के लिए पूरे प्रदेश के लिए 4300 वाहन खरीदे गए हैं। इनमें से आगरा को 60 गाड़ियां दी जानी हैं। जनपद में कुल 42 थाना हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो प्रति थाना क्षेत्र के हिस्से दो गाड़ियां भी नहीं आ रही हैं। लखनऊ में गाड़ियां खरीदी जा चुकी हैं। इन्हें-इन्हें अभी तक आगरा नहीं भेजा गया है। इसके अलावा बाइक भी दी जानी हैं।
लेकिन आगरा के लिए अभी तक बाइक नहीं खरीदी गई हैं। इस बीच पूरा जोर पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग पर दिया जा रहा है। इस स्कीम में तैनात पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे। इसके नोडल अधिकारी एसपी प्रोटोकॉल विद्या सागर मिश्र ने बताया कि प्रत्येक गाड़ी पर एक कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल तैनात किया जाएगा। ड्राइवर पुलिसकर्मी नहीं होगा।