आगरा के आंवलखेड़ा में भारत संगम सेवा संस्थान द्वारा 11 अक्तूबर को बिना अनुमति राम बारात निकालने के मामले में पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य, प्रधान पति और आयोजन समिति के पदाधिकारियों समेत 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
आंवलखेड़ा में निकाली गई राम बारात का 11 अक्तूबर को उद्घाटन एससी आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया ने किया था। संस्थान का कहना है कि आयोजन की अनुमति के लिए कई बार प्रार्थनापत्र भी दिया था। पर, नई परंपरा बताकर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी।
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी नौ से 12 अक्तूबर तक कार्यक्रम हुए थे। 11 अक्तूबर को धूमधाम से राम बारात निकाली गई। इस दौरान सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा था कि राम बारात निकालने के लिए अनुमति लेने की जरूरत ही नहीं है।
17 लोग नामजद
बिना अनुमति के राम बारात निकाले जाने को लेकर चौकी इंचार्ज आंवलखेड़ा अश्वनी कुमार मिश्र ने आयोजन समिति के 17 नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं मुकदमा दर्ज होने की जानकारी से लोगों में प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा भी है।
थानाध्यक्ष नवीन कुमार का कहना है कि राम बारात वाले दिन एडीएम प्रशासन द्वारा आंवलखेड़ा में धारा 144 लगाई गई थी। आयोजन समिति से राम बरात की अनुमति दिखाने को कहा गया तो अनुमति पत्र भी नहीं दिखाया था।
भारत संगम सेवा संस्थान के अध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को कई बार अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए थे, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। जनभावनाओं को देखते हुए आमजन के सहयोग से राम बारात का आयोजन किया गया था।
इनके खिलाफ दर्ज हुई है रिपोर्ट
चौकी इंचार्ज आंवलखेड़ा ने जिला पंचायत सदस्य ओमवीर सिंह, भूपेंद्र भारद्वाज पुत्र सूरजपाल, धर्मवीर चौहान पुत्र रामप्रताप सिंह, मुकेश चौहान पुत्र गीतम सिंह, राज कपूर बाल्मीकि पुत्र कल्याण सिंह, नीतू वर्मा पुत्र बनवारी लाल, मुन्ना सिंह पुत्र रामशरन पूर्व प्रधान आंवलखेड़ा, प्रधानपति दुष्यंत सिंह पुत्र कृष्ण गोपाल चौहान, अंकुश पुत्र कल्याण सिंह, पवन कुशवाहा पुत्र रोशन लाल, रामनिवास शर्मा पुत्र लोकमन शर्मा, श्याम सुंदर उपाध्याय, इंदल सिंह चौहान पुत्र चित्र सिंह, अश्वनी कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह, उदयवीर सिंह चौहान पुत्र अखय सिंह, सौराज सिंह परमार पुत्र शिव भान सिंह, अतर सिंह पुत्र तेज सिंह।
पूर्व विधायक ने कहा, पुलिस ने गलत किया
आंवलखेड़ा में राम बारात निकालने वालों पर मुकदमा दर्ज किए जाने पर पूर्व बसपा विधायक डॉ. धर्म पाल सिंह ने भी रोष जताया है। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर बनी सरकार ने रामभक्तों को भी नहीं छोड़ा है।