मैनपुरी जिले के कुसमरा चौकी क्षेत्र के एक मोहल्ले में समुदाय विशेष के लोगों द्वारा रात के समय कोरी समाज के लोगों के घर में घुसकर छानबीन और अभद्रता करने को लेकर गुस्सा था। समाज के लोगों ने मोहल्ले से पलायन करने का फैसला कर लिया था। स्थानीय पुलिस मामला सामान्य बताकर दबाती रही।
इससे समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ गया। बात उच्च अधिकारियों तक पहुंची। उनके निर्देश पर अब छह लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें रविवार को जेल भेज दिया।
कुसमरा के एक मोहल्ला निवासी समुदाय विशेष की एक किशोरी गायब हो गई थी। परिजन और अन्य लोग किशोरी को ढूंढने के लिए 22 जून की रात मोहल्ला निवासी शंभू दयाल, प्रमोद कुमार, मुकेश, सुरेश, दिनेश, संतोष, जितेंद्र, उमेश आदि के घरों में घुस गए।
समाज के लोगों ने यह लगाया आरोप
इस दौरान संजय, रिहासुद्दीन, राजू, सिराजुद्दीन, रहीश खां, इदरीश द्वारा अभद्रता करते हुए जातिसूचक गालियां दी गईं। इस घटना के बाद कोरी समाज के लोगों ने अपने मकानों को बेच कर पलायन किए जाने की बात कहते हुए बैनर लगा दिए। पुलिस ने बैनर हटवाकर स्थिति के सामान्य होने की बात कही थी। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमर बहादुर ने भी जांच कर दोनों पक्ष के राजी होने और किसी भी तरह की कोई कार्रवाई न करने की बात कही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने सिराजुद्दीन, रियासुद्दीन, राजू, रहीश और इदरीश के खिलाफ घर में घुसकर गाली गलौज, अभद्रता करने, जातिसूचक गालियां देने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने रविवार को इदरीश, सिराजुददीन, रिहासुददीन व संजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
सीओ भोगांव अमर बहादुर ने बताया कि मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से जेल भेजा गया है।