आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र के दूध व्यवसायी और उसके भाई को नीति बाग चौकी पुलिस की वसूली की शिकायत करना भारी पड़ गया। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी पहले गलत तरीके से चौकी पर पकड़कर ले गए। इसके बाद वसूली करने के बाद ही छोड़ा।
इसकी शिकायत अधिकारियों से करने पर नाराज पुलिसकर्मियों ने बलवे के मुकदमे में नामजद कर दिया। पीड़ित ने शनिवार को एसएसपी अमित पाठक से शिकायत की। इस दौरान पीड़ित रो पड़ा। उसे पुलिस कर्मियों ने शांत किया।
बल्देव नगर निवासी सोरन का दूध का व्यवसाय है। उन्होंने एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि दो अक्तूबर को उनके भाई राधेश्याम ने भैंस बेची थी। उसके पास बिक्री के 42 हजार रुपये रखे हुए थे।
रुपये छीन, जेल भेजने की दी धमकी
राधेश्याम फतेहाबाद रोड स्थित एक ढाबे पर खाना खा रहा था। तभी नीति बाग चौकी के पुलिसकर्मी आए। वह राधेश्याम को पकड़कर चौकी पर ले गए। इसकी जानकारी पर सोरन चौकी पर आ गया। पुलिस ने रात 8:30 बजे राधेश्याम को छोड़ दिया।
इस दौरान 8800 रुपये अपने पास रख लिए। बाकी रकम लौटा दी। इसका विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी दी। इस दौरान उनका मोबाइल रख लिया। सादा कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए। इस संबंध में थाना ताजगंज और एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र दिया। इसकी जानकारी पर 16 अक्तूबर को चौकी पर बुलाया।
पुलिस कर्मियों ने 7800 रुपये वापस कर दिए। एक हजार रुपये नहीं दिए। 22 अक्तूबर को सोरन के पास सीओ सदर के कार्यालय से फोन आया। इस दौरान शिकायत के संबंध में पूछताछ की गई। इसके बाद 19 नवंबर को एसपी सिटी आफिस में बयान दर्ज हुए।
एसएसपी के सामने रो पड़ा पीड़ित
पिछले दिनों सोरन को पता चला कि 29 अक्तूबर को क्षेत्र में हुए बलवे के मामले में पुलिस की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में उसे और उसके भाई को नामजद कर लिया है, जबकि उनका कोई दोष नहीं है। वो बलवे के दौरान मौजूद भी नहीं थे।
ऐसा नीति बाग पुलिस चौकी की शिकायत करने पर किया गया है। शनिवार को एसएसपी अमित पाठक के सामने आने पर सोरन रो पड़ा। इस पर एसएसपी ने उसे शांत किया। मामले में एसपी सिटी और सीओ सदर को दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश किए हैं।