पहले यह थी व्यवस्था
पुलिस शांति भंग की आशंका पर चालान करती है। आरोपी को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता था। जमानत देने या जेल भेजने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता था। इसी तरह पुलिस पाबंद करने के लिए रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के पास भेजती थी। रिपोर्ट के आधार पर मजिस्ट्रेट पाबंद करने पर निर्णय लेते थे। गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई में पुलिस रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के पास भेजती थी। मगर, अब नई व्यवस्था में पुलिस आयुक्त और उनके अधीनस्थ अधिकारी अलग-अलग मामलों में अपने स्तर से निर्णय लेंगे।
जल्द खुलेंगे नए थाने
आगरा कमिश्नरेट में तीन नए थाने ट्रांस यमुना, बमरौली कटारा और किरावली जल्द खुल जाएंगे। ट्रांस यमुना थाना कालिंदी विहार में बन सकता है। हाल ही में यहां बैरक का निर्माण किया गया था। इसी जगह पर थाना बनाया जा सकता है। हालांकि फाउंड्री नगर चौकी को थाना बनाने पर भी विचार चल रहा है। इसी तरह बमरौली कटारा और किरावली चौकी को ही थाना बनाया जाएगा। इन नए थानों में थाना प्रभारी के साथ 50-50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात होंगे। महिला पुलिसकर्मी भी पर्याप्त संख्या में होंगी। चौकियों पर पहले से ही पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।